यमन में हूती हमलों की ईयू ने की निंदा, रेड सी में जहाजों को निशाना बनाने पर जताई चिंता

New Delhi, 27 अक्टूबर . यूरोपीय संघ (ईयू) ने Tuesday को यमन के भीतर, सऊदी अरब के खिलाफ और लाल सागर में जहाजों पर हूती विद्रोहियों के हमलों की कड़ी निंदा की. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने हूती समूह से तत्काल हमले रोकने, तनाव कम करने और संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की.
कोस्टा ने यमन की President नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान यह संदेश दिया. उन्होंने यमन में शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों में वहां की Government को ईयू के पूर्ण समर्थन और एकजुटता का भरोसा भी दिलाया.
कोस्टा ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यमन में युद्ध तेज हो रहा है, जिससे मानवीय संकट और गहरा रहा है और लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं. मैंने अभी President रशाद अल-अलीमी से बात की और यमन Government तथा शांति एवं स्थिरता बहाल करने के उसके प्रयासों के प्रति ईयू की पूर्ण एकजुटता और समर्थन की पुष्टि की.”
उन्होंने आगे कहा कि ईयू यमन के भीतर, सऊदी अरब के खिलाफ और लाल सागर में जहाजों पर हूती हमलों की कड़ी निंदा करता है. उन्होंने हूती विद्रोहियों से तत्काल हमले बंद करने, तनाव कम करने और संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में बातचीत फिर शुरू करने का आह्वान किया. कोस्टा ने कहा कि यमन में स्थायी शांति केवल समावेशी Political समाधान के जरिए ही स्थापित की जा सकती है.
इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस महीने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यमन के हूती समूह के हमले की निंदा की थी. गुटेरेस ने 11 अक्टूबर को जारी एक बयान में कहा था, “मैं सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूतियों के Saturday को किए गए घातक हमले से बेहद स्तब्ध हूं और इसकी कड़ी निंदा करता हूं. इस हमले में कथित तौर पर 12 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों नागरिक घायल हुए.” उन्होंने कहा कि नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे हमले तत्काल बंद होने चाहिए.
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अनुसार, 10 अक्टूबर को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल को निशाना बनाकर किए गए हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी और 309 अन्य घायल हुए थे. इस दौरान यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच प्रमुख हवाई अड्डों को निशाना बनाकर हमले जारी थे.
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, मृतकों में सऊदी अरब के चार नागरिक और आठ विदेशी निवासी शामिल थे. विदेशी नागरिकों में बांग्लादेश के दो और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन तथा सूडान के एक-एक नागरिक थे. हमले के बाद हूती समूह ने एक बयान जारी कर कहा था कि वह सऊदी अरब के साथ जवाबी कार्रवाई से जुड़े कदमों के लिए तैयार है, ताकि हवाई अड्डों, समुद्री बंदरगाहों और मानवीय कार्यों से जुड़ी अन्य सुविधाओं को बढ़ते सैन्य टकराव से बाहर रखा जा सके.
वहीं, यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल को निशाना बनाए जाने के बाद हूती हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी थी.
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डीएससी


