ग्रोथ अनुमान घटाने से श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट, 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा स्टॉक

New Delhi, 26 अक्टूबर . सप्ताह के पहले कारोबारी दिन Monday को एनबीएफसी कंपनी श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली. कंपनी द्वारा ऋण वृद्धि (लोन ग्रोथ) के अनुमान में कटौती और क्रेडिट लागत बढ़ने की आशंका जताने के बाद निवेशकों ने शेयर से दूरी बनाई, जिसके चलते यह निफ्टी का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर बन गया. दिन के कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर 6.33 प्रतिशत तक टूटकर 810.20 रुपए के इंट्रा-डे निचले स्तर पर पहुंच गया. दोपहर करीब 12:10 बजे यह स्टॉक 5.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 821.20 रुपए पर कारोबार करता नजर आया.
शेयर में गिरावट ऐसे समय आई है जब कंपनी ने दूसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर मुनाफा दर्ज किया है. हालांकि निवेशकों का ध्यान कंपनी के भविष्य के आउटलुक पर रहा. श्रीराम फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) वृद्धि अनुमान को 18 प्रतिशत से घटाकर 15-17 प्रतिशत कर दिया है. कंपनी ने इसके पीछे कमजोर मानसून, भू-Political अनिश्चितताओं और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में कर्जदारों पर बढ़ते वित्तीय दबाव को प्रमुख कारण बताया है.
विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की परिसंपत्ति गुणवत्ता (एसेट क्वालिटी) को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. वैश्विक ब्रोकरेज जैफरीज के अनुसार Maharashtra, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में दबाव के कारण अगले एक-दो तिमाहियों तक क्रेडिट लागत ऊंची बनी रह सकती है.
वहीं घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि बढ़ते स्लिपेज और राइट-ऑफ यह संकेत देते हैं कि कई क्षेत्रों में सूखा जैसी परिस्थितियों का असर उधारकर्ताओं की भुगतान क्षमता पर पड़ा है. हालांकि संस्था का मानना है कि कुल मिलाकर कंपनी की एसेट क्वालिटी अभी भी अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है.
ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “कंपनी के तिमाही नतीजे मिश्रित रहे. उच्च नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) और कम परिचालन खर्च के कारण प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (पीपीओपी) अनुमान से बेहतर रहा, लेकिन अधिक क्रेडिट लागत के कारण अंतिम मुनाफा उम्मीदों के अनुरूप रहा. एयूएम में 17 प्रतिशत की सालाना वृद्धि भी अनुमान से बेहतर रही.”
इसी तरह, जेएम फाइनेंशियल ने भी शुरुआती डिफॉल्ट मामलों में बढ़ोतरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय दबाव को प्रमुख चिंता बताया है. ब्रोकरेज के अनुसार, सूखा जैसी परिस्थितियों के कारण एसेट क्वालिटी संकेतकों में गिरावट देखने को मिल रही है, जो आने वाले समय में चुनौती बनी रह सकती है.
हालांकि विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि हालिया इक्विटी निवेश और कंपनी की क्रेडिट रेटिंग का एएए स्तर तक सुधरना भविष्य में मार्जिन पर दबाव को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है.
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, श्रीराम फाइनेंस के शेयर में पिछले एक महीने के दौरान करीब 14 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है. बीएसई पर शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 1,153.65 रुपए और न्यूनतम स्तर 710.40 रुपए दर्ज किया गया है. कंपनी के आउटलुक को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण फिलहाल निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है.
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डीबीपी


