फारूक अब्दुल्ला पर भाजपा नेता ने बोला हमला, कहा- ‘पाकिस्तान से इतना प्रेम है तो वहीं चले जाएं’

श्रीनगर, 26 अक्टूबर . नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के Pakistan को लेकर दिए गए बयान पर जम्मू-कश्मीर में सियासी घमासान तेज हो गया है. भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने फारूक अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें Pakistan से इतना प्रेम है, उन्हें जम्मू-कश्मीर में रहने के बजाय Pakistan चले जाना चाहिए.
से बातचीत में अल्ताफ ठाकुर ने फारूक अब्दुल्ला के बयान को निंदनीय बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें देशविरोधी सोच झलकती है. उन्होंने कहा कि Pakistan ने जम्मू-कश्मीर में हिंसा और खून-खराबे को बढ़ावा दिया है, जिसके कारण हजारों लोगों की जान गई है. ऐसे देश की तारीफ करना उनकी देशविरोधी सोच को दिखाता है.
भाजपा नेता ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपनी Political नाकामियों को छिपाने के लिए इस तरह के बयान दे रही है. उनका दावा है कि पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और कुछ नेता उससे दूरी बना रहे हैं. फारूक अब्दुल्ला जनता का ध्यान असल मुद्दों से हटाने की कोशिश कर रहे हैं.
अल्ताफ ठाकुर ने सवाल उठाया कि जिस Pakistan को India ने कई बार युद्ध के मैदान और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जवाब दिया है, वह हमारी सुरक्षा करेगा, अब्दुल्ला की सुरक्षा कर सकता है, हमारे जम्मू-कश्मीर की नहीं. उन्होंने कहा कि Pakistan की तारीफ करने वालों के लिए जम्मू-कश्मीर में कोई जगह नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने फारूक अब्दुल्ला से अपने बयान पर माफी मांगने की मांग की और कहा कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. इस मामले में अलग-अलग जगहों पर First Information Report दर्ज कराई जा रही है और उनकी पार्टी भी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है. हम लोग भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे.
पीएम मोदी को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादित बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी नैतिकता खो चुकी है. उन्होंने Prime Minister के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए माफी मांगने की मांग की.
दूसरी ओर, विलय दिवस को लेकर भाजपा नेता ने कहा कि आज का दिन बहुत ही सुंदर और हमारे लिए सबसे खुशी का दिन है, क्योंकि 1947 में इसी दिन जम्मू और कश्मीर का India में विलय किया गया था. उस समय ‘दो-राष्ट्र सिद्धांत’ को खारिज कर दिया गया था, जबकि कुछ ताकतें और शक्तियां इसी सिद्धांत के आधार पर India के विभाजन का समर्थन कर रही थीं. लेकिन, हमारे महाराजा एक दूरदर्शी नेता थे. वे समझते थे कि जम्मू और कश्मीर और यहां के लोगों का भविष्य कहां सुरक्षित रहेगा. इसीलिए उन्होंने उस समय India के साथ जुड़ने का फैसला किया.
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डीकेएम/एबीएम


