आगरा शिक्षक एमएलसी के री-पोल में सियासी घमासान, सैंया बूथ पर भाजपा-सपा समर्थक भिड़े

आगरा, 26 अक्टूबर . आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन बूथों पर Monday को हो रहे पुनर्मतदान के दौरान सियासी घमासान देखने को मिला. सैंया मतदान केंद्र पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और Samajwadi Party (सपा) के समर्थक आमने-सामने आ गए. दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद मौके पर मौजूद Police ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया. घटना के बाद मतदान केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई. इस बीच सपा ने भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग और शिक्षकों को धमकाने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया.
फतेहाबाद, सैंया और खेरागढ़ के एक-एक बूथ पर सुबह आठ बजे से पुनर्मतदान शुरू हुआ. इन तीनों बूथों पर कुल 2,346 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. मतदान शाम चार बजे तक निर्धारित है. निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए Police बल के साथ जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं. जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल समेत वरिष्ठ अधिकारी मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं. सैंया बूथ पर भाजपा और सपा समर्थकों के बीच उस समय तनाव बढ़ गया, जब भाजपा समर्थकों ने जय श्रीराम के नारे लगाने शुरू कर दिए. दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद Police ने हस्तक्षेप किया और समर्थकों को अलग-अलग किया.
मौके पर अतिरिक्त Police बल भी तैनात किया गया. Police मतदान केंद्र के आसपास निगरानी रख रही है और मतदाताओं को जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है. सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने पुनर्मतदान के दौरान भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग और दबंगई का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थकों की ओर से मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश Government के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने सपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बूथ कैप्चरिंग सपा करती है, भाजपा नहीं. उन्होंने अपनी पार्टी की जीत का दावा भी किया.
सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने कहा कि आगरा के तीन बूथों पर पुनर्मतदान का आदेश उनकी शिकायतों की पुष्टि करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि औरैया जिले के तीन बूथों पर भी बड़े पैमाने पर बूथ कैप्चरिंग हुई थी, लेकिन वहां दोबारा मतदान नहीं कराया गया. उन्होंने चुनाव आयोग से cctv फुटेज के आधार पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि आयोग को खुद साक्ष्यों की जांच करनी चाहिए, न कि उनसे बार-बार साक्ष्य मांगने चाहिए. आकाश अग्रवाल ने यह भी आरोप लगाया कि पुनर्मतदान के दौरान शिक्षकों पर दबाव बनाया जा रहा है और मतदान की गति धीमी रखी जा रही है. उनके मुताबिक, शिक्षकों को कथित तौर पर यह कहकर मतदान से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है कि यदि वे उन्हें वोट देना चाहते हैं तो मतदान करने न जाएं.
उन्होंने स्थानीय विधायकों पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं. मतदान केंद्रों पर Police बल के अलावा क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) और पीएसी की तैनाती की गई है. केंद्रों के आसपास बैरियर लगाए गए हैं और Policeकर्मी पैदल गश्त कर रहे हैं. केवल अधिकृत लोगों को ही मतदान केंद्र तक जाने की अनुमति दी जा रही है.
गौरतलब है कि 23 अक्टूबर को आगरा खंड शिक्षक और खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 12 जिलों में मतदान हुआ था. आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र पंचायत कार्यालय स्थित बूथ संख्या 26 के कक्ष संख्या एक, खेरागढ़ तहसील परिसर स्थित बूथ संख्या 20 के कक्ष संख्या एक और सैंया क्षेत्र पंचायत कार्यालय स्थित बूथ संख्या 21 के कक्ष संख्या एक पर मतपत्रों से छेड़छाड़ की शिकायत सामने आई थी.
सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने इस संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर एवं मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप से शिकायत की थी और साक्ष्य के तौर पर वीडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई थी. इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी. अधिकारियों की जांच और रिपोर्ट के आधार पर इन तीनों बूथों पर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया गया.
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विकेटी/पीएम


