Skip to content
Tuesday, 27 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
अपराध,कानून,राजनीति,राष्ट्रीय

असम में पांच साल के भीतर दोषसिद्धि दर 6.1 प्रतिशत से बढ़कर 30.88 प्रतिशत हुई: सीएम हिमंता

असम में पांच साल के भीतर दोषसिद्धि दर 6.1 प्रतिशत से बढ़कर 30.88 प्रतिशत हुई: सीएम हिमंता

गुवाहाटी, 26 अक्टूबर . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य में दोषसिद्धि दर (कनविक्शन रेट) 2021 के 6.1 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर 2026 में 30.88 प्रतिशत हो गई है. उन्होंने इस सुधार का श्रेय बेहतर जांच, प्रभावी अभियोजन और बढ़ी हुई जवाबदेही को दिया है.

Chief Minister सरमा ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दोषसिद्धि दर में हुई इस उल्लेखनीय वृद्धि का जिक्र किया. उन्होंने आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने और अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए राज्य Government की प्रतिबद्धता को दोहराया.

Chief Minister हिमंता ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “बेहतर जांच, प्रभावी अभियोजन और अधिक जवाबदेही.” उन्होंने आगे लिखा कि Government का संकल्प कानून का पालन सुनिश्चित करना और न्याय दिलाना है. Chief Minister की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, असम में दोषसिद्धि दर 2021 में 6.1 प्रतिशत थी, जो 2022 में 13.5 प्रतिशत, 2023 में 16.4 प्रतिशत, 2024 में 22.6 प्रतिशत और 2025 में 25.80 प्रतिशत हो गई, और सितंबर तक यह 30.88 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई.

ये आंकड़े इस अवधि के दौरान लगातार हो रही वृद्धि को दर्शाते हैं. 2021 से सितंबर 2026 के बीच दोषसिद्धि दर में 24.78 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी हुई है. यह सुधार ऐसे समय में आया है जब राज्य Government Police व्यवस्था को मजबूत करने, आपराधिक जांच की गुणवत्ता सुधारने और अभियोजन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है.

दोषसिद्धि दर का उपयोग अक्सर आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रदर्शन को मापने के एक पैमाने के रूप में किया जाता है. हालांकि, अलग-अलग मामलों की तुलना करते समय कई बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है, जैसे कि मामलों की प्रकृति क्या है, किस चरण में मामलों की गिनती की जा रही है, और आंकड़ों की गणना के लिए किस पद्धति का उपयोग किया गया है.

Chief Minister की इस घोषणा से दोषसिद्धि सुनिश्चित करने में जांच एजेंसियों और अभियोजकों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित होता है. इसके साथ ही, इसका व्यापक उद्देश्य जवाबदेही तय करना और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के प्रति जनता के भरोसे को मजबूत करना भी है.

–

एसडी/पीएम

Share