सीजेआई सूर्यकांत पर विवादित पोस्ट को लेकर केरल कांग्रेस ने मांगी माफी, जिम्मेदार व्यक्ति को पद से हटाया

तिरुवनंतपुरम, 27 अक्टूबर . केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) ने Tuesday को India के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को लेकर पार्टी की केरल इकाई के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर प्रकाशित विवादित पोस्ट के लिए माफी मांगी. पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह पोस्ट बिना अनुमति के प्रकाशित की गई थी और यह कांग्रेस का आधिकारिक रुख नहीं था.
Supreme Court के एक वकील की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस के जवाब में केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने यह स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने कहा कि पोस्ट प्रकाशित करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को उसके पद से हटा दिया गया है. जवाब में इस पोस्ट के लिए विजय थोट्टाथिल का नाम लिया गया है.
विवाद उस समय शुरू हुआ, जब केरल कांग्रेस इकाई के आधिकारिक एक्स अकाउंट से मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को निशाना बनाते हुए टिप्पणी की गई. यह पोस्ट विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान सामने आई थी. विपक्षी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर Supreme Court तक मार्च आयोजित किया था.
पोस्ट में मुख्य न्यायाधीश के उस कथित रुख पर नाराजगी जताई गई थी, जिसके अनुसार उन्होंने कानूनी मुद्दों का हवाला देते हुए इंडिया ब्लॉक के नेताओं से मिलने में असमर्थता जताई थी. पोस्ट में विवादित टिप्पणी की गई थी, “सूर्यकांत, इस्तीफा दीजिए. हम आपके लिए कोई दूसरा व्यक्ति ढूंढ लेंगे.”
देश की न्यायपालिका के प्रमुख को निशाना बनाकर की गई इस टिप्पणी के बाद Political और कानूनी विवाद खड़ा हो गया. विवाद बढ़ने पर केरल कांग्रेस इकाई ने पोस्ट को हटा लिया.
केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ, जो राज्य के बिजली मंत्री भी हैं, ने अपने जवाब में पार्टी को इस टिप्पणी से अलग करते हुए कहा कि पोस्ट अधिकृत नहीं थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक स्थिति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
जवाब में संबंधित व्यक्ति को पद से हटाए जाने का भी उल्लेख किया गया. इस घटनाक्रम से उस समय केरल कांग्रेस इकाई को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब इंडिया ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा था.
विपक्षी गठबंधन का मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आयोजित किया गया था, लेकिन विवादित social media पोस्ट के कारण चर्चा कांग्रेस इकाई के आचरण पर केंद्रित हो गई. कानूनी नोटिस के जवाब में केपीसीसी ने अब पोस्ट को अनधिकृत बताते हुए मुख्य न्यायाधीश के प्रति खेद व्यक्त किया है.
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डीएससी


