Wednesday , 25 November 2020

पिछले 3 दिनों से पंजाब व हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं बंद हो गई: आतिशी


नई दिल्ली (New Delhi) . आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं विधायक आतिशी ने पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) में जलाई जा रही पराली के मुद्दे पर एयर क्वालिटी कमीशन को पत्र लिखा है. विधायक आतिशी ने कहा कि उन्होंने कमीशन से इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का मुकदमा दर्ज करके कड़ी कार्रवाई की मांग की है. आतिशी ने कहा कि केंद्र सरकार (Central Government)(Central Government) ने कमीशन को प्रदूषण पैदा करने के मामलों का स्वतः संज्ञान लेने और जिम्मेदारों को 5 साल के लिए जेल भेजने की शक्ति प्रदान किया है. इसलिए कमीशन को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए. साथ ही, मैने कमीशन के चेयरमैन से मिलने का समय भी मांगा है, जिसमें दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करेंगे.

उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से दोनों राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं बंद हो गई हैं, जिसके बाद से दिल्ली में नीला आसमान और चमकती धूप दिखने लगी है. आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और विधायक आतिशी ने बुधवार (Wednesday) को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित किया. आतिशी ने कहा कि डेढ़ महीने बाद दिल्ली में चमकता सूरज, नीला आसमान और साफ हवा देखने को मिली है. आज दिल्लीवासी अपने घरों से बाहर निकलकर सांस ले पा रहे हैं, उनका दम नहीं घुट रहा है. कल हमने पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) में पराली जलाने को लेकर मीडिया (Media) के सामने आंकड़े रखे थे. इन आंकड़ों से साफ हो गया है कि अक्टूबर और नवंबर के महीने में जो दिल्ली-एनसीआर के लोगों का दम घुटता है, उसका मुख्य कारण हरियाणा (Haryana) और पंजाब (Punjab) में पराली का जलना है.

विधायक आतिशी ने कहा कि जब पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) में बड़े पैमाने पर पराली जलाई जा रही थी, उस समय दिल्ली में भारी मात्रा में प्रदूषण पैदा हो गया था. जैसे ही पिछले 3 दिनों में पराली जलनी बंद हुई है, वैसे ही दिल्ली में नीला आसमान और चमकती धूप दिखनी शुरू हो गई है. यह स्पष्ट हो चुका है कि दिल्ली वालों का जो दम घुटता है, उसके लिए पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) में जलने वाली पराली जिम्मेदार है. अब सवाल उठता है कि इस पर कार्रवाई कौन करेगा? 28 अक्टूबर को केंद्र सरकार (Central Government)(Central Government) ने एक अध्यादेश राष्ट्रपति से हस्ताक्षर कराया था और एक एयर क्वालिटी कमीशन का गठन किया था. उन्होंने कहा कि इस कमीशन का गठन इसलिए किया गया था, क्योंकि केंद्र सरकार (Central Government)(Central Government) भी जानती है कि दिल्ली एनसीआर में जो प्रदूषण पैदा होता है, उसका सबसे बड़ा कारण दिल्ली से बाहर के क्षेत्र हैं.

दिल्ली में प्रदूषण को लेकर इस कमीशन को कार्रवाई करने की शक्ति प्रदान की गई है. आज मैंने एयर क्वालिटी कमीशन को एक पत्र लिखा है, जिसमें मैंने दिल्ली में बढ़ने वाले प्रदूषण को लेकर पूरी जानकारी दी है. पत्र में मैंने बताया है कि पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) में पराली जलाने की वजह से दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्रदूषण बढ़ जाता है और जैसे ही पराली जलनी बंद होती है, तो दिल्ली की आबोहवा साफ हो जाती है. दिल्ली के प्रदूषण में कमी आ जाती है. आतिशी ने कहा कि मैंने पत्र के माध्यम से एयर क्वालिटी कमीशन के अध्यक्ष को बताया है कि दिल्ली-एनसीआर में जो प्रदूषण होता है, उसके लिए कौन जिम्मेदार है? पत्र में मैंने कहा है कि कमीशन को इतनी शक्ति होती है कि अगर दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के लिए कोई भी जिम्मेदार होता है, तो कमीशन उस पर स्वतः संज्ञान ले सकता है. अगर कोई प्रदूषण करता है, कमीशन के आदेशों को नहीं मानता है, तो उसको 5 साल तक की जेल भी हो सकती है.

यह शक्तियां कमीशन को केंद्र सरकार (Central Government)(Central Government) की तरफ से प्रदान की गई हैं. उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की जनता की तरफ से एयर क्वालिटी कमीशन से मांग करते हैं कि वह अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए स्वतः संज्ञान लेते हुए, अपनी शक्ति दिखाते हुए पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) के मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज करें. उनकी आपराधिक लापरवाही की वजह से दिल्ली में लोगों का दम घुट रहा है, प्रदूषण बढ़ रहा है. आज दिल्ली में स्वास्थ्य को लेकर आपातकाल की स्थिति बनी हुई है. इन राज्यों की वजह से दिल्ली के लोग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं. पराली की वजह से दिल्ली एनसीआर के लोगों की जो स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हुई हैं, उसको लेकर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. पत्र में मैंने एयर क्वालिटी कमीशन के अध्यक्ष से मिलने के लिए समय भी मांगा है. हम उनके सामने मांग रखेंगे कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.