
New Delhi, 14 अप्रैल . आज की जीवन शैली में शारीरिक गतिविधि बहुत कम हो गई है और मानसिक दवाब बहुत बढ़ गया है. अक्सर लोग घुटनों में दर्द और घुटनों में कट-कट की शिकायत करते देखा जाता है. घंटों कुर्सी पर बैठकर काम की वजह से पैरों में सूजन, भारीपन और दर्द की परेशानी बढ़ रही है, लेकिन इन सभी संंकेतों को बिल्कुल भी हल्के में न लें. यह आगे जाकर बड़ी बीमारी का रूप ले सकता है.
घुटनों की “कट-कट” की आवाज को कुछ लोग साधारण समझकर इग्नोर कर देते हैं. लोगों के लगता है कि अपने आप या खान-पान से इस समस्या का समाधान निकल आएगा, लेकिन यह गलत है. घुटनों के आवाज करने के पीछे बहुत सारे कारण हो सकते हैं, जिसमें अत्याधिक गैस बनना, कॉर्टिलेज का घिस जाना, कैल्शियम और विटामिन डी की कमी होना, शरीर में गतिविधि का कम होना, बार-बार सीढ़ी चढ़ना और एक ही स्थिति में पैरों को रखना शामिल है, लेकिन अगर आवाज के साथ दर्द महसूस हो रहा है, तो यह सतर्क हो जाने वाली बात है क्योंकि यह संकेत है कि घुटनों में बड़ी परेशानी आ चुकी है.
आयुर्वेद में घुटनों में दर्द और आवाज की परेशानी से बचने के लिए तरीके बताए गए हैं, जिसमें अश्वगंधा, योगराज गुग्गल और लाक्षादि गुग्गल का सेवन किया जा सकता है. हालांकि चिकित्सक की सलाह के बाद ही इनका सेवन करें. इसके साथ ही जीवनशैली में बदलाव करने भी जरूरी है. सुबह और शाम 15-20 मिनट की सैर जरूर करें. इससे घुटनों में होने वाले दर्द से राहत मिलेगी. इसके साथ ही रात के समय तिल के तेल की मालिश भी कर सकते हैं. इससे घुटनों की सूजन और दर्द में आराम मिलेगा. रोजाना मालिश करने से कट-कट की आवाज भी कम होगी.
रोजाना 10 मिनट की धूप भी जरूर लें. शरीर में विटामिन डी की कमी की वजह से भी घुटनों में दर्द और आवाज आने की परेशानी होती है. धूप में घुटनों को सेंकने से दर्द में आराम मिलेगा और विटामिन डी की कमी भी पूरी हो जाएगी. इसके साथ ही मेथी का पानी भी अपने आहार में शामिल कर सकते हैं. रोजाना सुबह खाली पेट मेथी का पानी लें, इससे शरीर में वात संतुलित रहेगा और दर्द से राहत मिलेगी.
–
पीएस/वीसी