पहली तिमाही जीडीपी में आ सकती है 12 फीसदी गिरावट

कोरोना महामारी (Epidemic) की दूसरी लहर पर ‎‎नियंत्रण पाने के लिए अप्रैल और मई में ज्यादातर राज्यों में लॉकडाउन (Lockdown) के कारण 2021-22 की पहली यानी जून तिमाही में जीडीपी में 12 फीसदी की गिरावट आ सकती है. उधर, आरबीआई (Reserve Bank of India) ने पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में 26.2 फीसदी तेजी का अनुमान जताया है. यूबीएस सिक्योरिटीज इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक वृद्धि के लिहाज से 2020-21 अर्थव्यवस्था के लिए सबसे खराब वित्त वर्ष रहा. इस दौरान जीडीपी में 7.3 फीसदी गिरावट आई थी, जो चार दशक में सबसे बड़ी थी. सरकार के चार घंटे के नोटिस पर ढाई महीने के अनियोजित लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा से 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 फीसदी की सबसे बड़ी गिरावट आई थी. हालांकि दूसरी तिमाही में सुधार के बाद यह कम होकर 17.5 फीसदी रह गई. दूसरी छमाही से अर्थव्यवस्था में तेज सुधार देखने को मिला था और मार्च तिमाही के दौरान इसमें 1.6 फीसदी तेजी रही, जिससे जीडीपी में कुल गिरावट 7.3 फीसदी तक सीमित रह गई. यूबीएस इंडिया का कहना है कि पहली तिमाही में जीडीपी में 12 फीसदी की गिरावट से पिछले साल की तरह इस बार अर्थव्यवस्था में ‘वी’ आकार में तेज सुधार देखने को नहीं मिलेगा. इसकी सबसे बड़ी वजह उपभोक्ता भावना में ज्यादा कमजोरी है. लोग महामारी (Epidemic) को लेकर पिछले साल के मुकाबले इस वक्त ज्यादा चिंतित नजर आ रहे हैं. हालांकि, टीकाकरण में तेजी से उपभोक्ताओं और कारोबारियों का भरोसा बढ़ने के कारण 2021-22 की दूसरी छमाही से अर्थव्यवस्था में सुधार दिखने की उम्मीद है.

Please share this news