चीनी डॉक्टरों की मदद से मोतियाबिंद से पीड़ित 100 श्रीलंकाई मरीज़ों को मिली नयी रोशनी

बीजिंग, 26 अप्रैल . श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में लंका अस्पताल में “ब्राइट यात्रा” नाम की गतिविधि आयोजित हुई. इसमें 100 मोतियाबिंद के मरीजों ने चीनी डॉक्टरों के द्वारा निःशुल्क सर्जरी प्राप्त की.

22 से 26 अप्रैल तक, “ब्राइट यात्रा” गतिविधि के दौरान, दक्षिण पूर्वी चीन के युन्नान प्रांत से आए चिकित्सा टीम के 8 चिकित्सकों ने 100 मोतियाबिंद के मरीज़ों की सर्जरी की. ये डॉक्टर खुनमिंग मेडिकल यूनिवर्सिटी के पहले संबद्ध अस्पताल से हैं.

संबंधित कार्यक्रम में श्रीलंकाई संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने ने चीन से आए उत्कृष्ट डॉक्टरों को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने श्रीलंका में मोतियाबिंद के मरीज़ों को रोशनी देने के लिए उन्नत चिकित्सा उपकरण और प्रौद्योगिकी लायी. पिछले कुछ दशकों में, जब भी श्रीलंका को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, चीन सरकार और चीनी लोग हमेशा बिना किसी हिचकिचाहट के मदद के लिए आगे आये.

वहीं, श्रीलंका में चीनी राजदूत छी चनहोंग ने कहा कि इस बार युन्नान प्रांतीय मेडिकल टीम ने अपने शानदार चिकित्सा कौशल और सराहनीय चिकित्सा नैतिकता के साथ श्रीलंका में प्रकाश फैलाया. यह पूरी तरह से श्रीलंकाई मित्रों के प्रति चीन सरकार और चीनी जनता की मैत्रीपूर्ण भावनाओं को दर्शाता है. चीन स्वास्थ्य क्षेत्र में श्रीलंका को सहायता प्रदान करना जारी रखेगा, आदान- प्रदान और सहयोग को मजबूत करने और लोगों से लोगों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए चीन और श्रीलंका में चिकित्सा संगठनों को प्रोत्साहित और समर्थन करेगा.

बता दें कि मौजूदा “ब्राइट यात्रा” गतिविधि के दौरान, मोतियाबिंद की सर्जरी किये जाने वाले सबसे बुजुर्ग मरीज़ 98 साल के हैं. मई 2023 में, युन्नान प्रांतीय चिकित्सा टीम ने पहली बार श्रीलंका में “ब्राइट यात्रा” गतिविधि चलायी थी.

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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