त्यागपत्र के साथ बीआरएस नेता हरीश शहीद स्मारक पर तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी का करते रहे इंतजार

हैदराबाद, 26 अप्रैल . तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को अपना त्यागपत्र लेकर आनेे और बुद्धिजीवियों को सौंपने की चुनौती देने के एक दिन बाद शुक्रवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव अपना त्यागपत्र लेकर विधानसभा भवन के सामने तेलंगाना शहीद स्मारक पहुंचे.

हरीश राव ने कहा कि अगर राज्य सरकार 15 अगस्त तक सभी पात्र किसानों को दो लाख रुपये की कृषि ऋण माफी समेत छह गारंटियों को पूरा कर देती है, तो बुद्धिजीवी उनका त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष को भेज सकते हैं, लेकिन अगर सरकार ऐसा करने में विफल रहती है, तो मुख्यमंत्री का त्यागपत्र राज्यपाल को भेजा जाए.

हरीश राव सुबह 10 बजे शहीद स्मारक पहुंचे. उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि मुख्यमंत्री नहीं आए, इससे स्पष्ट है कि वह लोगों को “धोखा” दे रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से झूठे वादे करने के लिए जनता से माफी मांगने की मांग की.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने छह गारंटियों का वादा कर जनता को धोखा दिया है. उन्होंने कहा कि वादे करने के बावजूद सत्तारूढ़ दल पीछे हट गया है.

बीआरएस नेता ने कहा कि 100 दिन बीत जाने के बाद भी रेवंत रेड्डी की सरकार जनता से किए वादों को पूरा करने में विफल रही.

हरीश राव ने कहा कि अगर उनके त्यागपत्र से लोगों को फायदा हो सकता है, तो उन्हें खुशी होगी.

उन्होंने मुख्यमंत्री के इस दावे को कोरा झूठ बताया कि सरकार ने छह में से पांच गारंटी पूरी कर दी है.

गौरतलब है कि दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग पिछले हफ्ते तब शुरू हुई, जब रेवंत रेड्डी ने कहा कि 15 अगस्त तक कृषि ऋण माफी का वादा पूरा कर दिया जाएगा. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश राव ने उनसे पूछा कि अगर वह इसे पूरा करने में विफल रहते हैं, तो क्या वह त्यागपत्र देने को तैयार हैं. उन्होंने वादा पूरा न होने पर पद से त्यागपत्र देने की चुनौती दी.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रेवंत रेड्डी ने हरीश राव को अपना त्यागपत्र तैयार रखने की चुनौती दी थी.

चुनौती स्वीकार करते हुए शुक्रवार को बीआरएस नेता अपना त्यागपत्र लेकर शहीद स्मारक पहुंचे और मुख्यमंत्री के नहीं आने पर वह पत्रकारों को इस्तीफा सौंपकर चले गए.

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