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Friday, 30 October 2026
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ईरान को बैंकिंग और संपत्ति उपयोग की छूट देने पर अमेरिकी राजनीति में विवाद, सुसान राइस ने बताया बहुत बड़ी गलती

ईरान को बैंकिंग और संपत्ति उपयोग की छूट देने पर अमेरिकी राजनीति में विवाद, सुसान राइस ने बताया बहुत बड़ी गलती

वॉशिंगटन, 21 जून . वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बन रहे नए कूटनीतिक समझौते के तहत ईरान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना तेल बेच सकेगा. ट्रंप प्रशासन ने Sunday को कहा कि इसका असर दुनियाभर में तेल की कीमतों और India जैसे बड़े तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ सकता है.

अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने एबीसी के कार्यक्रम ‘द‍िस वीक’ में कहा कि ईरान का दोबारा ऊर्जा बाजार में लौटना अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत के शुरुआती नतीजों में से एक होगा. हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत अभी जारी है.

राइट ने कहा क‍ि ईरान पिछले करीब 47 वर्षों से ज्यादा समय तेल बेच रहा है. उन्होंने बताया कि पहले ट्रंप प्रशासन के दौरान ईरान के तेल निर्यात में काफी कमी आई थी, लेकिन बाइडेन Government के समय इसमें काफी बढ़ोतरी हुई.

राइट के अनुसार, ईरान के तेल निर्यात के दोबारा 15 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा पहुंचने की उम्मीद है. यह मात्रा उस स्तर के करीब है जो हाल के तनाव से पहले थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने दिखा दिया था कि वह ईरान के तेल निर्यात को पूरी तरह रोक सकता है, जिससे बातचीत में वॉशिंगटन की स्थिति मजबूत हुई.

राइट ने कहा, “हमने उन्हें दो महीने तक दिखाया कि हम उनका एक बूंद तेल भी बिकने से रोक सकते हैं.”

अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव और होर्मुज स्‍ट्रेट के आसपास हुई रुकावटों के कारण ऊर्जा बाजारों में जो चिंता थी, वह अब कम हो रही है.

राइट ने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से तेल और प्राकृतिक गैस की आवाजाही अब सामान्य हो चुकी है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में बढ़ा हुआ उत्पादन, वेनेजुएला से ज्यादा तेल और बड़े तेल उत्पादक देशों के सहयोग से आने वाले समय में ऊर्जा की कीमतें और कम हो सकती हैं.

ईरान के तेल निर्यात को फिर से शुरू करने की संभावना इस समझौते का सबसे ज्यादा चर्चा वाला हिस्सा बन गई है.

पूर्व ओबामा प्रशासन की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसान राइस ने कहा कि किसी बड़े समझौते से पहले ही ईरान को काफी आर्थिक फायदा मिल रहा है. समझौते पर हस्ताक्षर होते ही यानी Thursday से ईरान अपने पूरे तेल और तेल उत्पादों को बिना किसी रुकावट के बाजार में बेच सकता है.”

ईरान को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग व्यवस्था का इस्तेमाल करने और रोकी गई संपत्तियों तक पहुंच देने की अनुमति दी जा रही है. राइस ने इस फैसले को बहुत बड़ी और बेहद खराब रियायत’ बताया. उनका कहना था कि ऐसी छूट ईरान के साथ अंतिम समझौता होने के बाद दी जानी चाहिए थी, पहले नहीं.

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एवाई/वीसी

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