
काहिरा, 19 जुलाई . दक्षिण-पश्चिमी ईरान के खुजेस्तान प्रांत में स्थित अबादान शहर के बाहरी इलाके पर Sunday को अमेरिका ने मिसाइल हमला किया. हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
अर्ध-Governmentी समाचार एजेंसी तसनीम ने प्रांत के एक अधिकारी के हवाले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि अबादान ईरान की सबसे पुरानी तेल रिफाइनरी का शहर है और इसकी सीमा इराक से लगती है. इससे पहले इसी हफ्ते भी अमेरिका ने यहां हमला किया था.
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जॉर्डन, कुवैत और बहरीन ने Sunday को कहा कि ईरान ने एक बार फिर उनके इलाकों की ओर हवाई हमले किए. इन घटनाओं के बाद अमेरिका ने दक्षिणी इजरायल से अपने ईंधन भरने वाले सैन्य विमानों (रिफ्यूलिंग प्लेन) को भी वहां से हटा लिया.
जॉर्डन के Governmentी टीवी चैनल के मुताबिक, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई तीन मिसाइलों को जॉर्डन की सीमा में आने से पहले ही मार गिराया. वहीं चौथी मिसाइल दक्षिणी जॉर्डन के एक सुनसान इलाके में गिरी, लेकिन उससे किसी की जान नहीं गई और न ही कोई नुकसान हुआ.
कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि इन मिसाइलों का निशाना जॉर्डन के सबसे दक्षिणी तटीय शहर अकाबा में मौजूद अमेरिकी सैन्य विमान थे. अकाबा की सीमा सीधे इजरायल के इलात शहर से लगती है.
इस घटना के बाद इजरायल के चैनल ’13 न्यूज’ ने बताया कि अमेरिकी सेना ने Sunday को दक्षिणी इजरायल के रेमन एयरपोर्ट से अपने रिफ्यूलिंग विमानों को हटा लिया. यह एयरपोर्ट इलात से करीब 18 किलोमीटर उत्तर में स्थित है. वहीं इजरायल के Governmentी चैनल कान टीवी न्यूज के अनुसार, इन हमलों के बाद एयरपोर्ट पर यात्रियों की उड़ानों में भी देरी हुई.
इससे पहले Sunday को अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि अकाबा का एयरपोर्ट और बंदरगाह एक ‘विशिष्ट और विश्वसनीय खतरे’ की वजह से खाली करा दिए गए हैं. दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों से अगली सूचना तक इन जगहों की यात्रा न करने की सलाह भी दी.
दूतावास ने जॉर्डन में मौजूद सैन्य ठिकानों से भी अमेरिकी नागरिकों को दूर रहने की चेतावनी दोहराई.
हालांकि, बाद में जॉर्डन के अधिकारियों ने अमेरिकी दूतावास के इस दावे को खारिज कर दिया. उनका कहना था कि एयरपोर्ट और बंदरगाह दोनों सामान्य रूप से काम कर रहे हैं.
Sunday को ही कुवैत के अधिकारियों ने बताया कि देश के एक बिजली उत्पादन और समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्र (डिसैलिनेशन प्लांट) पर दो दिनों में दूसरी बार ईरान की ओर से हमला हुआ. इस हमले में आग लग गई, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ.
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एवाई/डीएससी