मोंटाना में भारतीय मूल के शख्स पर नस्लीय टिप्पणी का आरोप, 21 वर्षीय अमेरिकी युवक गिरफ्तार

वाशिंगटन, 29 अक्टूबर . अमेरिका के मोंटाना राज्य की राजधानी हेलेना में 21 वर्षीय एक युवक पर गंभीर अपराध का आरोप लगाया गया है. आरोप है कि उसने भारतीय मूल के एक व्यक्ति को धक्का दिया और उससे कहा कि अपने देश वापस जाओ.
‘बिलिंग्स गजट’ में छपी ‘हेलेना इंडिपेंडेंट रिकॉर्ड’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, जैक्सटन टेट कोलिन्स 27 अक्टूबर को लुईस एंड क्लार्क काउंटी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश हुए. जैक्सटन टेट कोलिन्स पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से डराने-धमकाने या परेशान करने का आरोप है.
हलफनामे के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने Police अधिकारियों को बताया कि वह हेलेना के डाउनटाउन इलाके में अपने दोस्तों के साथ टहल रहा था. तभी नारंगी शर्ट पहने और गले में बड़ा क्रॉस (ईसाई धर्म का प्रतीक) पहने एक व्यक्ति उसके एक दोस्त के पास आया. शिकायतकर्ता का दोस्त भारतीय मूल का है और सिर पर कुछ जैसे पगड़ी या टोपी पहनता है.
अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, कोलिन्स ने कथित तौर पर उस दोस्त को दोनों हाथों से धक्का दिया और उससे कहा कि वह अपने देश वापस चला जाए. चश्मदीदों ने Police को बताया कि यह घटना डरावनी थी और उन्होंने इसे एक हमला करार दिया.
बाद में जब और Police अधिकारी मौके पर पहुंचे तो कोलिन्स पास ही मिल गया. हलफनामे के अनुसार, कोलिन्स ने Police को बताया कि वह डाउनटाउन के एक बार में शराब पी रहा था. उसने यह भी माना कि वहां से निकलने के बाद गुस्से में आकर उसने पीड़ित से कहा कि वह अपने देश वापस चला जाए. हालांकि कोलिन्स ने पीड़ित को धक्का देने की बात से इनकार किया.
मोंटाना के कानून के तहत कोई व्यक्ति तब दुर्भावनापूर्ण डराने-धमकाने या परेशान करने का अपराध करता है जब वह किसी दूसरे व्यक्ति को उसकी नस्ल, पंथ, धर्म, रंग, राष्ट्रीय मूल, या नागरिक अधिकारों या मानवाधिकार गतिविधियों में शामिल होने के कारण जानबूझकर या यह जानते हुए कि इससे सामने वाला व्यक्ति डरेगा, भयभीत होगा, उसे धमकी मिलेगी, वह परेशान होगा, उसे झुंझलाहट होगी या उसे ठेस पहुंचेगी. शारीरिक चोट पहुंचाता है, शारीरिक चोट लगने का उचित डर पैदा करता है या संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है.
‘मोंटाना कोड एनोटेटेड’ की धारा 45-5-221 के अनुसार, इस अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति को राज्य की जेल में 5 साल तक की कैद हो सकती है या 5,000 डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है या ये दोनों सजाएं मिल सकती हैं.”
यह मामला इस साल अमेरिका में भारतीय और दक्षिण एशियाई मूल के लोगों को निशाना बनाकर की गई घटनाओं की एक श्रृंखला में जुड़ गया है. सामुदायिक समूहों ने इन घटनाओं को प्रवासियों के खिलाफ बढ़ती बयानबाजी से जोड़ा है. बता दें कि मोंटाना में भारतीय-अमेरिकी आबादी बहुत कम है.
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ओपी/वीसी


