‘ठोस परिणाम, समय पर काम और लोगों को लाभ सरकार का लक्ष्य’, 54वीं प्रगति बैठक में लिए गए निर्णयों पर बोले पीएम मोदी

New Delhi, 29 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को कहा कि ठोस परिणाम, समय पर क्रियान्वयन और लोगों के लिए दीर्घकालिक लाभ Government का लक्ष्य है. इस दौरान पीएम मोदी ने Wednesday की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का जिक्र किया.
Prime Minister मोदी ने 54वीं ‘प्रगति’ (PRAGATI) बैठक की अध्यक्षता की; 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की
54वीं ‘प्रगति’ बैठक के बारे में Prime Minister Narendra Modi ने बताया कि 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 16,000 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की गई. उन्होंने Thursday सुबह social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “रेलवे स्टेशनों का ‘मल्टीमॉडल हब’ के रूप में तेजी से पुनर्विकास, फार्मा विनिर्माण (दवा निर्माण) में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और कारीगरों व स्थानीय व्यवसायों को सशक्त बनाने के लिए ‘एकता मॉल’, बैठक के मुख्य बिंदु रहे.”
Prime Minister मोदी ने कहा, “हमारा फोकस स्पष्ट है, ठोस परिणाम, समय पर काम पूरा करना और लोगों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाना.”
बता दें कि Wednesday को यह बैठक ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म के तहत ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित की गई थी. ‘प्रगति’ का पूरा नाम ‘प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन’ (सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन) है. सूचना और संचार तकनीक पर आधारित यह मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्य Governmentों को एक साथ लाता है, ताकि परियोजनाओं को लागू करने में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं व कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार लाया जा सके.
बैठक के दौरान, Prime Minister मोदी ने 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रेलवे, ‘एकता मॉल’ और ‘बल्क ड्रग पार्क’ से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने समय-सीमा का पालन करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने और काम को लागू करने में आने वाली समस्याओं को तुरंत सुलझाने के महत्व का उल्लेख किया.
‘एकता मॉल’ पहल के बारे में Prime Minister ने कहा कि इन केंद्रों के जरिए स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध होना चाहिए, कारीगरों की आजीविका मजबूत होनी चाहिए और उन्हें अपना व्यवसाय बढ़ाने में मदद मिलनी चाहिए. उन्होंने इन मॉलों को पर्यटन और स्थानीय उद्यमों से जोड़ने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि इससे मांग बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं.
उन्होंने मुख्य सचिवों से यह भी कहा कि वे इन परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि काम समय पर पूरा हो जाए. आंध्र प्रदेश, Gujarat और Himachal Pradesh में ‘बल्क ड्रग पार्कों’ की समीक्षा करते हुए, Prime Minister मोदी ने ‘एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स’ (एपीआई) और अन्य जरूरी फार्मास्युटिकल सामग्रियों के घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि दवा निर्माण के क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता को मजबूत किया जा सके.
Prime Minister ने मुख्य सचिवों से यह भी कहा कि वे जिलाधिकारियों के साथ मिलकर हर महीने Governmentी योजनाओं की समीक्षा करें, ताकि योजनाओं को लागू करने में आ रही कमियों की पहचान की जा सके और यह सुनिश्चित हो सके कि पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ मिलें. उन्होंने कहा कि प्रशासन में खर्च की तुलना में परिणामों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि Governmentी धन का उपयोग लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार लाने के लिए हो सके.
पीएम मोदी ने पिछड़े क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच तालमेल, नियमित निगरानी और स्थानीय जवाबदेही का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि प्रशासन और कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर बनाने के निरंतर प्रयासों से लगभग 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली है.
Ahmedabad रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की समीक्षा के दौरान Prime Minister ने देश भर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि पुनर्विकसित स्टेशनों को ‘मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब’ के रूप में काम करना चाहिए, जहां से मेट्रो सेवाओं और अन्य परिवहन नेटवर्क के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सके.
Prime Minister मोदी ने संबंधित मंत्रालयों और राज्य Governmentों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को ‘मिशन मोड’ में दूर करें, आपसी समन्वय मजबूत करें और उच्च स्तर पर कड़ी निगरानी रखें. उन्होंने बेहतर जवाबदेही, सक्रिय निर्णय लेने की प्रक्रिया और समय पर काम पूरा करने पर भी जोर दिया, ताकि सभी परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी हो सकें.
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