बिहार के बाढ़-सुखाड़ प्रभावितों के लिए 15-15 हजार की मांग, तेजस्वी बोले-तत्काल मिले राहत

Patna, 20 सितंबर . बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने Sunday को कहा कि बिहार इस समय बाढ़ और सुखाड़ की दोहरी मार झेल रहा है. उन्होंने केंद्र और राज्य Government से बाढ़ तथा सूखे से प्रभावित किसानों को तत्काल 15-15 हजार रुपये की सहायता देने और बिहार की स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की.

Patna में प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव ने दावा किया कि राज्य में बाढ़ से 45 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि दूसरी ओर कम बारिश के कारण कई इलाकों में सुखाड़ की स्थिति है. उपलब्ध मौसम आंकड़ों के अनुसार सितंबर के मध्य तक बिहार में सामान्य से करीब 35-36 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी. तेजस्वी ने कहा कि किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं और Government को बाढ़ के साथ-साथ सूखे से हुए नुकसान का भी सर्वे कराना चाहिए.

उन्होंने कहा कि दोनों तरह से प्रभावित लोगों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने केंद्र और राज्य की एनडीए Government पर राहत कार्यों को लेकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई और राहत शिविरों को पर्याप्त समय तक संचालित नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि पानी निकलने के बाद भी प्रभावित परिवारों की परेशानियां समाप्त नहीं होती हैं और उन्हें भोजन, कपड़े, बर्तन तथा अन्य जरूरी सामान की जरूरत होती है.

तेजस्वी ने Prime Minister Narendra Modi के जन्मदिन पर आयोजित दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि जब बिहार बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति से गुजर रहा था, उस समय Governmentी संसाधनों का इस्तेमाल इस तरह के आयोजन में किया गया. उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी. उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2015 में महागठबंधन Government के दौरान बजट का चार प्रतिशत हिस्सा आपदा पीड़ितों के लिए रखने का निर्णय लिया गया था. उन्होंने मौजूदा Government से सवाल किया कि बिहार के बजट का चार प्रतिशत हिस्सा आपदा राहत के लिए कहां और किस रूप में खर्च किया जा रहा है.

तेजस्वी ने केंद्र Government से बिहार के लिए राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग दोहराई. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय टीम के दौरे के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का पर्याप्त समाधान नहीं हुआ. उंन्होने सवाल किया कि केंद्रीय कृषि मंत्री जब बाढ़ के प्रभावित इलाकों को देखने गए तो सूखे प्रभावित जिलों को क्यों छोड़ दिया? उन्होंने Prime Minister किसान सम्मान निधि और पीएम केयर्स फंड सहित केंद्र की विभिन्न व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए बिहार को मिलने वाली सहायता पर भी सवाल उठाए.

साथ ही, उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से Prime Minister मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान से बिहार के बाढ़ एवं सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कराने की मांग की. तेजस्वी ने कहा कि बिहार के प्रभावित किसानों और परिवारों का उचित सर्वे कराया जाए तथा उन्हें कम से कम 15-15 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी जाए. उन्होंने कहा कि राहत और पुनर्वास को Political आयोजन से ऊपर प्राथमिकता मिलनी चाहिए.

एमएनपी/पीएम

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