
Mumbai , 20 सितंबर . राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता Actor मनोज बाजपेयी की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘लास्ट मैन इन टावर’ को दर्शकों का अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है. इस बीच Actor ने बताया कि उन्हें अभिनय के पेशे में सबसे ज्यादा क्या आकर्षित करता है.
उन्होंने कहा कि सिनेमा और थिएटर दोनों में अभिनय की सबसे खास बात अलग-अलग किरदारों को जीने और उनकी भावनाओं को पर्दे पर सच्चाई के साथ पेश करने का मौका मिलना है. यही चीज उन्हें इस पेशे से सबसे ज्यादा जुड़ाव महसूस कराती है.
उन्होंने कहा कि अभिनय केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह लोगों की कहानियों और भावनाओं को दर्शकों तक पहुंचाने का एक प्रभावशाली तरीका भी है.
Mumbai के अंधेरी वेस्ट इलाके में फिल्म के प्रमोशन के दौरान एक्टर ने एक्ट्रेस दिव्या दत्ता और डायरेक्टर बेन रेखी के साथ से बात की. उन्होंने कहा कि उन्हें यह प्रोफेशन इसलिए पसंद है, क्योंकि यह एक्टर्स को अपने डार्क साइड को अपनाने का मौका देता है.
जब उनसे पूछा गया कि किसी नए काम को शुरू करने से पहले अनजान चीजों का डर उन पर क्या असर डालता है, तो उन्होंने कहा, “ओह, माय गॉड. मतलब, कभी-कभी आपका मन करता है कि इसे मना कर दें. कभी-कभी आप बस बेन को फोन करके कहना चाहते हैं कि मुझे नहीं लगता कि मैं इसके लिए सही हूं, क्योंकि आप डरे हुए होते हैं. किरदार का एक डार्क साइड होता है जिससे आपको निPatna होता है. यह आसान नहीं है.”
उन्होंने कहा, “इसीलिए मुझे एक्टर्स पसंद हैं. ऐसा नहीं है कि मैं खुद एक एक्टर हूं इसलिए. मैं जानता हूं कि दूसरे किन चीजों से गुजरते हैं. मुझे वे इसलिए पसंद हैं, क्योंकि उनमें अपने डार्क साइड को अपनाने की काबिलियत होती है. पहले वे अपने डार्क साइड को अपनाते हैं, तभी वे किरदार के डार्क साइड से जुड़ पाते हैं. तो हम जानते हैं, और एक एक्टर के तौर पर हम खुद उनके साथ बहुत सख्त होते हैं.”
उन्होंने कहा, “हो सकता है वे आपको न बताएं कि हम आपको अपने डार्क साइड के बारे में क्यों बताएं? यह बहुत प्राइवेट बात है. यह बहुत पर्सनल बात है. ये सभी रोल, जिनमें इतने सारे ग्रे शेड्स हैं, इतनी सारी परतें हैं, उन्हें निभाना आसान नहीं है. अगर मैं खुद को समझने या जानने की प्रक्रिया में नहीं हूं, तो मैं उस किरदार को नहीं समझ सकता जिसे मैं निभा रहा हूं.”
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एससीएच/वीसी