पटना में बिहार सरस मेला का शुभारंभ, 15 राज्यों की महिला उद्यमी ले रहीं हिस्सा

Patna, 20 सितंबर . ग्रामीण महिला उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Sunday को Patna के ज्ञान भवन में बिहार सरस मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ. ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया. यह मेला 29 सितंबर तक चलेगा, जिसमें बिहार सहित 15 राज्यों की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमी और शिल्पकार हिस्सा ले रही हैं.

उद्घाटन के बाद मंत्री श्रवण कुमार ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला उद्यमियों से संवाद किया. उन्होंने हस्तनिर्मित उत्पादों, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, सजावटी सामान, जैविक उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल का अवलोकन किया तथा महिला उद्यमियों के उत्पादों की गुणवत्ता और उनके हुनर की सराहना की.

इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बिहार की महिला उद्यमियों के सामूहिक ब्रांड ‘बिहारिका’ के नए लोगो का भी लोकार्पण किया. इस ब्रांड के माध्यम से जीविका दीदियों के उत्पादों को नई पहचान देने और उन्हें व्यापक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा.

मंत्री श्रवण कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जीविका का मूल उद्देश्य गरीब परिवारों को संगठित कर उनकी आजीविका को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि बिहार Government महिला सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है. सतत जीविकोपार्जन योजना और Chief Minister महिला रोजगार योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है.

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में सरस मेले में पहुंचें, ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्पादों को देखें और खरीदकर उनके प्रयासों को प्रोत्साहित करें. समारोह का औपचारिक शुभारंभ राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ. आगंतुक अतिथियों का स्वागत जीविका दीदियों ने हरित पौध भेंट कर किया.

बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने कहा कि बिहार सरस मेला ग्रामीण महिला उद्यमियों की मेहनत, हुनर और उद्यमशीलता को बड़ा मंच प्रदान कर रहा है. यह केवल उत्पादों की बिक्री का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण का उत्सव भी है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष बिहार सहित 15 राज्यों की सैकड़ों महिला उद्यमी अपने-अपने राज्यों के विशिष्ट शिल्प, स्वाद, परंपरा और संस्कृति को लेकर मेले में पहुंची हैं.

ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास ने कहा कि सरस मेला ग्रामीण विकास और बाजार के बीच महत्वपूर्ण सेतु का काम कर रहा है. जीविका के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को शहरी और राष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जा रहा है, जिससे महिला उद्यमियों की आय में वृद्धि हो रही है.

उन्होंने जीविका के मॉडल को महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया. कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, विधायक रविंद्र प्रसाद सिंह सहित जीविका के कई अधिकारी, विभिन्न जिलों से आईं जीविका दीदियां, अन्य राज्यों की महिला उद्यमी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे.

एमएनपी/डीकेपी

Leave a Comment