नर्मदा जल विवाद: महाराष्ट्र को उकाई बांध से 5 टीएमसी पानी मिलेगा, केंद्र ने सीएम फडणवीस के आग्रह पर जारी किए निर्देश

Mumbai , 27 अक्टूबर . Maharashtra को पानी के हिस्से में बड़ी राहत देते हुए नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसले के अनुसार, राज्य को उकाई बांध से 5 टीएमसी (हजार मिलियन घन फुट) पानी उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं.
Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस द्वारा किए गए जोरदार आग्रह के बाद नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की उच्च स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय अंतिम रूप दिया गया. Chief Minister की मांग के बाद जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने पानी छोड़ने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए तत्काल निर्देश जारी किए.
नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के मूल निर्णय के तहत Maharashtra को कुल 10 टीएमसी पानी का हिस्सा स्वीकृत किया गया था, जिसमें से 5 टीएमसी नर्मदा-तापी डायवर्जन नहर योजना के माध्यम से और 5 टीएमसी सीधे उकाई बांध से लिया जाना था.
Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने इस बात पर जोर दिया कि नियमों के अनुसार पानी छोड़ने का निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक संयुक्त बैठक में पहले ही तय किया गया था.
Governmentी विज्ञप्ति में कहा गया है कि Chief Minister ने नर्मदा परियोजना के प्रति राज्य की जिम्मेदारियों के बारे में अपडेट जानकारी के साथ Maharashtra का पक्ष प्रस्तुत किया.
Chief Minister फडणवीस ने उकाई बांध से Maharashtra को उसके निर्धारित जल हिस्से का अधिकार दोहराया.
उन्होंने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई पिछली बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, Maharashtra को उकाई बांध से अपने निर्धारित जल हिस्से का हकदार है. हमने Union Minister और Gujarat के Chief Minister से इसके लिए औपचारिक स्वीकृति देने का अनुरोध किया था.”
प्रस्तुति के बाद, Union Minister सीआर पाटिल ने Maharashtra के अधिकार की पुष्टि की और राज्य के हिस्से का जल तत्काल जारी करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए.
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एएसएच/डीकेपी


