दिल्ली को मेडिकल हब बनाने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्रों को आगे आना चाहिए : सीएम गुप्ता

New Delhi, 3 नवंबर . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने Tuesday को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी को मेडिकल हब में बदलने के लिए Governmentी और निजी, दोनों क्षेत्रों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधाएं सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
Chief Minister रेखा गुप्ता ने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में आईवीएफ केंद्र का उद्घाटन करने के बाद ये बात कही. उन्होंने कहा कि Government यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि राष्ट्रीय राजधानी आने वाले किसी भी व्यक्ति को उचित इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें.
गुप्ता ने कहा कि अगर हम सच में दिल्ली को एक मेडिकल हब बनाना चाहते हैं, तो Governmentी और निजी दोनों क्षेत्रों को आगे आना होगा. डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुसार, हर 1,000 लोगों पर कम से कम पांच मेडिकल बेड होने चाहिए. हमारा देश अभी भी इस मानक से पीछे है, और मुझे लगता है कि दिल्ली में अभी हर 1,000 लोगों पर लगभग दो बेड उपलब्ध हैं.
उन्होंने कहा कि हर 1,000 लोगों पर पांच बेड के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों क्षेत्रों को मिलकर प्रयास करने होंगे. इस संख्या को पांच बेड तक पहुंचाने के लिए, दोनों क्षेत्रों को एक साथ काम करने की जरूरत है. अगर कोई दिल्ली आता है, तो उसे उचित इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए. यह Prime Minister का सपना है और दिल्ली Government इसी दिशा में काम कर रही है.
राष्ट्रीय राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निजी अस्पताल के योगदान की तारीफ करते हुए, गुप्ता ने कहा कि इस संस्थान ने पिछले कुछ वर्षों में लाखों लोगों की सेवा की है और अनगिनत जानें बचाई हैं.
उन्होंने कहा कि इस सफर की शुरुआत 1937 में हुई थी, और 1977 में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल हुआ, जब आपने इस अस्पताल की स्थापना की. इन वर्षों में, आपने लाखों लोगों की सेवा की है, अनगिनत जानें बचाई हैं और पीड़ितों को राहत पहुंचाई है.
कोविड-19 महामारी के दौरान अस्पताल के योगदान को याद करते हुए, Chief Minister ने कहा कि इस कठिन समय में भी अस्पताल के डॉक्टरों, कर्मचारियों और प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया.
गुप्ता ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी, संत परमानंद अस्पताल के किसी भी डॉक्टर, कर्मचारी या प्रबंधन के सदस्य ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा. सभी ने दिल्ली के लोगों की सेवा करना जारी रखा. मैं दिल्ली की जनता की ओर से आप सभी को बधाई देती हूं.
उन्होंने अस्पताल की इस बात के लिए भी सराहना की कि वह यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी मरीज को इलाज से इसलिए वंचित न रहना पड़े क्योंकि वह इसका खर्च नहीं उठा सकता. मुझे लगता है कि यह अस्पताल सच में अपने नाम पर खरा उतरता है. आप हमेशा दिल्ली के लोगों की सेवा के लिए समर्पित रहते हैं, और किसी भी मरीज को सिर्फ इसलिए वापस नहीं भेजा जाता कि वह इलाज का खर्च नहीं उठा सकता. इस प्रतिबद्धता के लिए मैं आपको बधाई देती हूं.
Chief Minister ने इस बात पर फिर जोर दिया कि दिल्ली में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने और इलाज तक लोगों की पहुंच बेहतर बनाने के लिए, स्वास्थ्य संस्थानों और Government के बीच लगातार सहयोग बना रहना जरूरी है.
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डीकेएम/एएस


