अंतरराष्ट्रीय विस्तार के बावजूद इंडिगो का ध्यान छोटी दूरी की उड़ानों पर ही केंद्रित रहेगा: सीईओ

New Delhi, 3 नवंबर . देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजनाओं को आगे बढ़ाने के बावजूद अपनी शॉर्ट-हॉल (कम दूरी) उड़ान सेवाओं पर मुख्य फोकस बनाए रखेगी. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विली वॉल्श ने Tuesday को कहा कि एयरलाइन की भविष्य की विकास रणनीति उसकी मजबूत और लागत-कुशल घरेलू तथा क्षेत्रीय परिचालन क्षमता पर आधारित रहेगी.
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया 2026 सम्मेलन में बोलते हुए वॉल्श ने बताया कि इंडिगो के बेड़े में फिलहाल चार एयरबस ए321एक्सएलआर विमान शामिल हैं और 2027 के अंत तक इनकी संख्या बढ़कर 14 हो जाने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि एयरलाइन अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार जरूर कर रही है, लेकिन इससे उसके मौजूदा शॉर्ट-हॉल बिजनेस मॉडल पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए.
उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य के अवसरों की तैयारी करते हुए भी हमारी अत्यधिक दक्ष शॉर्ट-हॉल परिचालन क्षमता पर से ध्यान न हटे.”
वॉल्श ने यह भी जानकारी दी कि इंडिगो एयरबस ए350-900 वाइड-बॉडी विमानों को अपने बेड़े में शामिल करने की तैयारी कर रही है. इन विमानों की डिलीवरी 2028 की दूसरी तिमाही से शुरू होने की संभावना है. हालांकि उन्होंने कहा कि इस नए विमान प्रकार के परिचालन से पहले एयरलाइन को व्यापक तैयारी और बुनियादी ढांचा विकास करना होगा.
इंडिगो का मानना है कि उसकी सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी ताकत उसकी कम लागत वाली परिचालन संरचना है और यही आगे की वृद्धि का आधार बनी रहेगी. वॉल्श ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विस्तार के साथ भी इस लागत दक्षता को बनाए रखना कंपनी की प्राथमिकता रहेगी.
उन्होंने एयरलाइंस और एयरपोर्ट संचालकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उनके अनुसार, एयरपोर्ट कंपनियों को निवेश संबंधी फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए ताकि अत्यधिक लागत का बोझ एयरलाइंस और यात्रियों पर न पड़े.
वर्तमान में इंडिगो के बेड़े में 440 से अधिक विमान शामिल हैं. कंपनी ने 2030 तक अपने बेड़े को बढ़ाकर लगभग 600 विमानों तक पहुंचाने की योजना बनाई है. यह विस्तार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में उसकी उपस्थिति को मजबूत करने में मदद करेगा.
गौरतलब है कि विली वॉल्श ने इस वर्ष इंटरग्लोब एविएशन द्वारा नियुक्त किए जाने के बाद इंडिगो के सीईओ का पद संभाला था. उन्होंने पीटर एल्बर्स की जगह ली, जिनके कार्यकाल में एयरलाइन ने घरेलू और वैश्विक नेटवर्क में तेजी से विस्तार किया था.
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