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Thursday, 5 November 2026
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गुजरात एटीएस के शिकंजे में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर, 438 करोड़ के एमडी ड्रग्स मामले में हिरासत

Gujarat एटीएस के शिकंजे में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर, 438 करोड़ के एमडी ड्रग्स मामले में हिरासत

Ahmedabad, 3 नवंबर . Gujarat आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर सलीम इस्माइल डोला को हिरासत में ले लिया है. सलीम दिसंबर 2022 में वडोदरा जिले की एक अवैध ड्रग निर्माण इकाई से 87.728 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी) की जब्ती के सिलसिले में वांछित था. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 438.64 करोड़ रुपए है.

डोला को 31 अक्टूबर को Gujarat एटीएस ने इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए हिरासत में लिया.

एटीएस अब सिंधरोट ड्रग फैक्ट्री मामले में उसकी भूमिका स्थापित करने और नशीले पदार्थों के निर्माण और वितरण में शामिल कथित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच करने के लिए उससे पूछताछ कर रही है.

गौरतलब है कि 1 दिसंबर, 2022 को Gujarat एटीएस ने वडोदरा जिले के सिंधरोट गांव में एक अवैध ड्रग निर्माण इकाई पर छापा मारा और 87.728 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी) जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 438.64 करोड़ रुपए है.

इस अभियान में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया और एटीएस Police स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 8(सी), 22(सी), और 29 के तहत First Information Report दर्ज की गई.

जांच के दौरान, जांच अधिकारी को पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक सौमिल पाठक जेल में रहते हुए डोला के संपर्क में आया था.

जांचकर्ताओं ने बाद में यह स्थापित किया कि पाठक कथित तौर पर डोला के साथ मिलकर मेफेड्रोन सहित नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण और बिक्री में शामिल था.

जांच में यह भी पता चला कि सिंधरोट इकाई में निर्मित मेफेड्रोन कथित तौर पर डोला के Mumbai स्थित सहयोगी ऐमन मूसा शेख उर्फ ​​अयान खान को आपूर्ति की जाती थी.

इसके बाद डोला को इस मामले में वांछित आरोपी घोषित किया गया.

एटीएस के अनुसार, डोला विदेश से मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क चला रहा था. एजेंसी ने इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने और उसका पता लगाने के लिए कार्यवाही शुरू की.

खुफिया जानकारी से पता चला कि वह संयुक्त अरब अमीरात के Dubai में भारतीय पासपोर्ट का उपयोग कर रहा था और यूएई और केन्या में पंजीकृत मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था.

जांच में यह भी पता चला कि डोला पहले इकबाल मिर्ची से जुड़ा हुआ था.

खुफिया जानकारी के अनुसार, 1990 के दशक में जब मिर्ची मैंड्रैक्स के अंतरराष्ट्रीय अवैध व्यापार में शामिल था, तब डोला कथित तौर पर उसके लिए ड्रग्स की ढुलाई करता था.

डोला और उसके साथियों ने बाद में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क स्थापित किया, जिसमें कथित तौर पर नशीले पदार्थों को कानूनी रूप से निर्यात किए गए सामानों से भरे कंटेनरों में छिपाकर विदेशों में भेजा जाता था.

यह नेटवर्क कथित तौर पर उन देशों में फर्जी कंपनियों का भी इस्तेमाल करता था जहां खेप पहुंचाई जाती थी.

विभिन्न जांच एजेंसियों के उपलब्ध रिकॉर्ड से पता चलता है कि डोला वर्षों से कई ड्रग तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है.

उसे 1998 में Mumbai अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग 40 किलोग्राम मैंड्रैक्स के साथ और 2013 में Mumbai Police की एंटी-नारकोटिक्स सेल द्वारा लगभग 79 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था.

उसका नाम 2017 में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के एक मामले में भी सामने आया था, जिसमें Gujarat से कुवैत में लगभग 5.5 करोड़ रुपए के गुटखा की कथित तस्करी शामिल थी.

2018 में, Mumbai एंटी-नारकोटिक्स सेल ने लगभग 1,000 करोड़ रुपए के फेंटानिल से संबंधित एक मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की.

बाद के मामलों में, जिनमें उनकी कथित संलिप्तता दर्ज की गई, उनमें 2022 में Mumbai के घाटकोपर Police स्टेशन में दर्ज एनडीपीएस का मामला, 2023 में Mumbai के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा दर्ज लगभग 20 किलोग्राम मेफेड्रोन से संबंधित मामला, और 2023 में Mumbai क्राइम ब्रांच की डीसीबी, सीआईडी ​​यूनिट-06 द्वारा दर्ज एक अन्य मामला शामिल हैं.

उसी वर्ष Gujarat में मेफेड्रोन जब्ती के एक अन्य मामले में भी उनका नाम सामने आया. 2024 और 2025 में Maharashtra में उनके खिलाफ और मामले दर्ज किए गए.

Mumbai क्राइम ब्रांच द्वारा 2025 में दर्ज एक मामले में Maharashtra संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (एमसीओसीए) के प्रावधान भी शामिल किए गए.

Enforcement Directorate (ईडी) ने 2025-26 के दौरान डोला के संदिग्ध मादक पदार्थों की तस्करी नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की.

Gujarat एटीएस डोला से सिंधरोट कारखाने में प्रयुक्त कच्चे माल के स्रोत, वित्तीय लेनदेन, उत्पादन और वितरण में शामिल अन्य लोगों और नेटवर्क के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बारे में पूछताछ करेगी.

एजेंसी व्यापक कथित मादक पदार्थों की तस्करी के ऑपरेशन की भी जांच कर रही है.

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एमएस/

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