
सोल, 5 अक्टूबर . दक्षिण कोरिया की सेना ने Monday को दावा किया कि पिछले महीने विसैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) में हुए बारूदी सुरंग विस्फोट में उत्तर कोरिया की ओर से जानबूझकर बिछाई गई एंटी-पर्सनल माइंस जिम्मेदार थीं. इस घटना में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हुए थे. घटना के बाद दक्षिण कोरियाई सेना ने विस्फोट वाली जगह पर बारूदी सुरंगों को हटाने का अभियान भी चलाया.
दक्षिण कोरियाई सेना ने संयुक्त राष्ट्र कमान (यूएनसी) के साथ मिलकर 21 सितंबर को हुए विस्फोट की जांच पूरी कर ली है. जांच में प्रारंभिक निष्कर्षों की पुष्टि हुई है कि उत्तर कोरिया द्वारा सैन्य सीमांकन रेखा (एमडीएल) के दक्षिण में जानबूझकर दबाई गई रेजिन से बनी एंटी-पर्सनल माइंस ही विस्फोट का कारण थीं.
दक्षिण कोरिया के दो सैनिकों के टखनों में गंभीर चोट आई, जबकि तीसरे सैनिक को मामूली चोट लगी.
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल क्वोन डे-वोन ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि हालिया विस्फोटों में इस्तेमाल की गई बारूदी सुरंगों में टीएनटी और थर्मोसेटिंग रेजिन के ऐसे घटक पाए गए, जो उत्तर कोरियाई सुरंगों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से मेल खाते हैं.
उन्होंने बताया कि घायल सैनिकों के शरीर से बरामद सुरंगों के टुकड़े पहले इमजिन नदी से बरामद उत्तर कोरियाई प्लास्टिक एंटी-पर्सनल माइंस से पूरी तरह मेल खाते हैं. इन माइंस में भूरे रंग का बाहरी खोल और ढक्कन पर जालीदार पैटर्न पाया गया.
दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, बाढ़ के दौरान उत्तर कोरिया की ओर से बहकर आने वाली बारूदी सुरंगें अक्सर एमडीएल के दक्षिणी हिस्से में पहुंच जाती हैं. हालांकि, हालिया विस्फोट में शामिल माइंस जमीन से करीब तीन से 10 सेंटीमीटर नीचे दबाई गई थीं. इससे संकेत मिला कि इन्हें प्राकृतिक रूप से बहकर आने के बजाय जानबूझकर जमीन में लगाया गया था.
क्वोन ने कहा कि यूएनसी ने भी निष्कर्ष निकाला है कि इन बारूदी सुरंगों को जानबूझकर लगाया गया था और अनुमान है कि इन्हें करीब 12 महीने पहले जमीन में दबाया गया था.
सेना ने बताया कि जीपीएस माप के अनुसार दोनों विस्फोट स्थल और वह स्थान, जहां एक अतिरिक्त बारूदी सुरंग मिली थी, सैन्य सीमांकन रेखा के करीब 10 मीटर दक्षिण में स्थित थे.
जेसीएस ने Monday दोपहर करीब 12 बजकर 51 मिनट पर एमडीएल के दक्षिण में स्थित बारूदी सुरंग क्षेत्र को हटा दिया. यह विस्फोट के बाद दक्षिण कोरियाई सेना की ओर से की गई पहली ऐसी कार्रवाई थी.
सेना ने इस अभियान का वीडियो भी जारी किया, जिसमें विस्फोट के बाद काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है और तेज धमाके की आवाज सुनाई देती है. सेना ने इस अभियान को यूएनसी द्वारा सत्यापित उत्तर कोरिया के बारूदी सुरंग बिछाने वाले स्थानों के खिलाफ एक प्रभावी कार्रवाई बताया.
दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि अगर उत्तर कोरिया अपने स्तर पर वहां बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने से इनकार करता है तो वह इलाके में बारूदी सुरंग हटाने के अभियान जारी रखेगी.
क्वोन ने कहा कि सेना उत्तर कोरिया से दक्षिण कोरियाई सैनिकों के घायल होने की घटना के लिए गंभीरता से माफी मांगने और युद्धविराम समझौते का उल्लंघन कर बिछाई गई बारूदी सुरंगों को तत्काल हटाने की मांग करती है.
1950-53 के कोरियाई युद्ध को समाप्त करने वाले युद्धविराम समझौते के तहत डीएमजेड में, वहां से या उसके खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधियों पर रोक है. एमडीएल को दोनों कोरियाई देशों के बीच बफर जोन के रूप में देखा जाता है. समझौते के तहत सैन्य सीमांकन रेखा को पार करने की भी मनाही है, जब तक कि इसके लिए संबंधित अनुमति न दी गई हो.
दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, उत्तर कोरिया ने अप्रैल 2024 से दोनों देशों की सीमा पर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना शुरू किया है. इसमें कंटीले तारों की बाड़ को मजबूत करना, बारूदी सुरंगें बिछाना और एमडीएल के आसपास टैंक रोधी अवरोध खड़े करना शामिल है. यह कदम उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन द्वारा अंतर-कोरियाई संबंधों को दो ‘एक-दूसरे के प्रति शत्रुतापूर्ण राज्यों’ के बीच संबंध बताए जाने के बाद उठाया गया.
जेसीएस ने कहा कि मार्च 2025 से एमडीएल के आसपास उत्तर कोरियाई गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है. सेना का अनुमान है कि खासकर पूर्वी मोर्चे के इलाकों में जमीन साफ करने, बारूदी सुरंगें बिछाने और बाड़ लगाने के काम में रोजाना करीब 7,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों को लगाया जा सकता है.
सेना के मुताबिक, उत्तर कोरिया द्वारा सीमा पर सुरक्षा मजबूत किए जाने के बाद इस साल एमडीएल के दक्षिण में उत्तर कोरियाई सैनिकों की घुसपैठ की घटनाएं 50 से अधिक हो गई हैं. इसकी तुलना में 2024 में ऐसी नौ और 2025 में 17 घटनाएं दर्ज की गई थीं.
हालांकि, उत्तर कोरिया ने डीएमजेड में हुए हालिया विस्फोटों के लिए जिम्मेदारी से इनकार किया है. उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की शक्तिशाली बहन किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया के निष्कर्षों को मनगढ़ंत करार दिया है और चेतावनी दी है कि यदि सियोल की ओर से इसके अनुरूप कोई कार्रवाई की गई तो उत्तर कोरिया जवाबी कदम उठा सकता है.
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केआर/