खड़गे बोले- ‘पहले वोट चोरी और फिर विरोध करने के अधिकार की चोरी, भाजपाई तानाशाही का प्रमाण’

New Delhi, 14 अक्टूबर . कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि पहले ‘वोट चोरी’ और फिर ‘विरोध करने के अधिकार की चोरी’ भाजपाई तानाशाही का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि Government की दमनकारी नीतियों के आगे अब कोई नहीं झुकेगा.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने Wednesday सुबह social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “गृह मंत्री (अमित शाह) की ओर से एसआईआर में बाहर 13.3 करोड़ भारतीयों को ‘घुसपैठिया’ घोषित करना भारतीयता का अपमान है.”

उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “Supreme Court के फैसले के बावजूद, जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल से हटाकर, पहले ‘वोट चोरी’ फिर ‘विरोध करने के अधिकार की चोरी’ भाजपाई तानाशाही का प्रमाण है. ज्ञानेश कुमार को बचाना बंद कीजिए. सत्ता से सवाल पूछने वालों को जेल, युवाओं को लाठी-डंडे, जबरन हिरासत, हमारी बेटियों से Policeिया बर्बरता और आरएसएस के गुंडों को खुलेआम छूट, मोदी-शाह की दमनकारी नीतियों के आगे अब कोई नहीं झुकेगा.”

मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह भी कहा कि देश आवाज उठा रहा है, भाजपा से एक-एक बात का हिसाब लेकर रहेगा.

वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “एसआईआर का लगातार बचाव कर रहे केंद्रीय गृह मंत्री से तीन बेहद सरल और सीधे सवाल हैं. पहला- कितने घुसपैठियों की पहचान हुई?, दूसरा- कितने घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए? और कितने घुसपैठियों को देश से बाहर भेजा गया?”

जयराम रमेश ने लिखा, “100 करोड़ भारतीयों को एसआईआर की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है. उन्हें इसके नतीजे जानने का पूरा अधिकार है. हकीकत यह है कि ‘शाह इंस्टीगेट रिमूवल’ (एसआईआर) के सूत्रधार बार-बार घुसपैठियों का तर्क देकर असल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. जबकि असलियत यह है कि पीएम-गृह मंत्री की हताश जोड़ी ने करीब 14 करोड़ भारतीयों से उनका वोट देने का संवैधानिक अधिकार छीन लिया है.”

कांग्रेस नेता ने यह भी पूछा कि क्या गृह मंत्री यह कहना चाहते हैं कि ये 14 करोड़ भारतीय घुसपैठिए हैं? क्या गृह मंत्री के तौर पर उनकी निगरानी में देश में घुसपैठियों की संख्या में इतनी भारी बढ़ोतरी हुई है?

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डीसीएच/

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