कैडेट्स की संख्या 17 लाख से बढ़ाकर होगी 20 लाख, पूर्वोत्तर एनसीसी होगी मजबूत

New Delhi, 15 अक्टूबर . राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) में कैडेटों की संख्या मौजूदा लगभग 17 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने की दिशा में काम किया जाएगा. इसके लिए पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम में एनसीसी का विस्तार करने का फैसला लिया गया है. यहां प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत बनाने और अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया गया है.
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने Thursday को एनसीसी के विशेष सम्मेलन में यह बात कही. सम्मेलन में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक का मुख्य उद्देश्य इन राज्यों में एनसीसी का विस्तार करना, इसकी कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना और राज्य Governmentों के साथ समन्वय मजबूत करना था.
यहां रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि युवाओं को प्रेरित करना और उन्हें सही दिशा देना जरूरी है, ताकि उनमें राष्ट्र प्रथम की भावना विकसित हो. उन्होंने सभी नौ राज्यों से एनसीसी के विस्तार के लिए व्यावहारिक योजनाएं बनाने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया. उन्होंने विशेष रूप से प्रशिक्षण सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया. साथ ही, इस दिशा में Government की प्रतिबद्धता भी दोहराई. सं
जय सेठ ने इस वर्ष के गणतंत्र दिवस शिविर में पूर्वोत्तर राज्यों के कैडेटों की भागीदारी की सराहना की. उन्होंने एनसीसी में बालिका कैडेटों की बढ़ती संख्या को महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया. उनके अनुसार, एनसीसी युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और देश के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने में अहम भूमिका निभाता है.
Prime Minister Narendra Modi के विचारों का उल्लेख करते हुए रक्षा राज्य मंत्री ने कहा, “एनसीसी एक ऐसा आंदोलन है, जो India की युवा शक्ति को सशक्त बनाता है और हमारे युवाओं को आत्मविश्वासी, अनुशासित तथा राष्ट्र के प्रति समर्पित बनाता है.” उन्होंने कहा कि एनसीसी को और प्रभावी बनाने के लिए बेहतर प्रशिक्षण, पर्याप्त संस्थागत सहयोग और इससे जुड़े सभी पक्षों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना होगा.
बता दें कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में एनसीसी का संचालन सात राज्यों में फैला हुआ है. इनमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा शामिल हैं. इन राज्यों में एनसीसी के नौ समूह मुख्यालय और 50 इकाइयां हैं. क्षेत्र के 1,645 शिक्षण संस्थानों में एनसीसी की गतिविधियां संचालित होती हैं. यहां लगभग 1.25 लाख कैडेट हैं.
वहीं, पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में एनसीसी के छह समूह मुख्यालय और 56 इकाइयां हैं. इन दोनों राज्यों के 1,326 शिक्षण संस्थानों में एनसीसी की गतिविधियां चल रही हैं. यहां भी लगभग 1.25 लाख कैडेट संगठन से जुड़े हैं. सम्मेलन में इन क्षेत्रों में एनसीसी की पहुंच बढ़ाने, कैडेटों के कल्याण, प्रशिक्षण ढांचे के विकास और संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. इसके साथ ही प्रशासनिक चुनौतियों के समाधान पर भी विचार किया गया.
बैठक में एनसीसी की भूमिका को केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए समाज सेवा और सामुदायिक विकास में इसके योगदान पर भी चर्चा हुई. कैडेटों में चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रीय एकता और सेवा भावना विकसित करने में एनसीसी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया. एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन में रक्षा मंत्रालय की अपर सचिव दीप्ति मोहिल चावला सहित संबंधित राज्यों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और एनसीसी के अधिकारी उपस्थित रहे.
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जीसीबी/डीकेपी


