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Thursday, 15 October 2026
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मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0: गौतमबुद्धनगर में 5,000 विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0: गौतमबुद्धनगर में 5,000 विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

नोएडा, 15 अक्टूबर . महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर Police कमिश्नरेट द्वारा मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कमिश्नरेट के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में Thursday को साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कराया गया. इस कार्यक्रम के माध्यम से करीब 5,000 विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया.

यह अभियान Police कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है. कार्यक्रम का आयोजन Police उपायुक्त महिला सुरक्षा सुनिति तथा अपर Police उपायुक्त महिला सुरक्षा मनीषा सिंह के पर्यवेक्षण में किया गया. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ऑनलाइन दुनिया में मौजूद खतरों के प्रति सचेत करना और उन्हें इंटरनेट, social media तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना रहा.

कार्यक्रम के दौरान प्रख्यात साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग और social media का इस्तेमाल करते समय लापरवाही लोगों को साइबर अपराधियों का शिकार बना सकती है. ऐसे में इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है.

विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों को फिशिंग, ओटीपी के माध्यम से धोखाधड़ी, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, पहचान चोरी, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर साइबर अपराधों के बारे में बताया. उन्होंने समझाया कि साइबर अपराधी लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं, इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने, संदिग्ध लिंक खोलने या अपनी गोपनीय जानकारी साझा करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.

उन्होंने विद्यार्थियों को social media का जिम्मेदारी से उपयोग करने, अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी. साइबर सुरक्षा कार्यक्रम के सजीव प्रसारण में गौतमबुद्धनगर Police कमिश्नरेट के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के लगभग 5,000 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन अपराधों से संबंधित कई सवाल पूछे. संबंधित थानों की साइबर हेल्प डेस्क पर नियुक्त प्रशिक्षित Policeकर्मियों ने सरल भाषा और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया.

इस दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर शिकायत कैसे दर्ज कराई जाए, डिजिटल साक्ष्यों को किस प्रकार सुरक्षित रखा जाए और समय पर Police को सूचना देना क्यों महत्वपूर्ण है. Police ने स्पष्ट किया कि साइबर ठगी की घटना सामने आने पर बिना देर किए शिकायत करना जरूरी है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई और सहायता प्राप्त करने की संभावना बढ़ सके. कार्यक्रम में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई.

विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी या अन्य साइबर अपराध होता है, तो वह हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकता है अथवा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. Police ने लोगों को सलाह दी कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल शिकायत करें. साथ ही संबंधित संदेश, लेनदेन की जानकारी, स्क्रीनशॉट और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखें, जिससे जांच में मदद मिल सके.

गौतमबुद्धनगर Police कमिश्नरेट ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने पासवर्ड, ओटीपी, बैंकिंग संबंधी जानकारी और अन्य गोपनीय विवरण किसी के साथ साझा न करें. अनजान कॉल, संदिग्ध संदेश और फर्जी लिंक से सावधान रहें तथा social media पर निजी जानकारी साझा करने से बचें. किसी भी तरह की साइबर बुलिंग, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग या धोखाधड़ी की स्थिति में चुप रहने के बजाय तत्काल Police को सूचना दें.

Police कमिश्नरेट के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे. इनका उद्देश्य महिलाओं, बालिकाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने में मदद करना है.

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पीकेटी/डीकेपी

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