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Thursday, 15 October 2026
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राहुल गांधी बार-बार रिलॉन्च होने वाली मिसाइल, कभी टारगेट तक नहीं पहुंचते: गजेंद्र सिंह शेखावत

राहुल गांधी बार-बार रिलॉन्च होने वाली मिसाइल, कभी टारगेट तक नहीं पहुंचते: गजेंद्र सिंह शेखावत

jaipur, 15 अक्टूबर . Union Minister गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के आंदोलनों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जो कुछ हो रहा है, वह लोकतांत्रिक India के लोकतंत्र के सामने सबसे बड़ा संकट पैदा करने का प्रयास है और इसे बहुत डिजाइन्ड तरीके से खड़ा किया जा रहा है.

Union Minister गजेंद्र सिंह शेखावत ने से कहा, “मैंने पहले भी अनेक बार कहा, आज फिर कहता हूं कि ये जो कुछ हो रहा है, जिसमें कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी पार्टियां भी सहभागी हो गई हैं, ये लोकतांत्रिक India के लोकतंत्र के सामने सबसे बड़ा संकट पैदा करने का प्रयास हो रहा है. और ये केवल जिनका अपने आप में नाम लिया, ये केवल उन तक सीमित नहीं है, ये बहुत डिजाइन्ड तरीके से इस आंदोलन को खड़ा करने की कोशिश की गई है. लेकिन ये India है, इसको आप बांग्लादेश बनाने की कल्पना भी नहीं कर सकते, ना परिदृश्य ऐसा है, ना परिस्थितियां ऐसी हैं और ना परिणाम ऐसे होंगे.”

राहुल गांधी के लगातार सड़कों पर रहने और डेलिगेशन के न मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन मौका परस्त लोगों का गठबंधन है. उन्होंने कहा, “इंडिया गठबंधन मौका परस्त लोगों का और ऐसे लोगों का जिनको जनता ने लोकतंत्र के समर में सर्वथा नकार दिया है, उन लोगों का मजबूरीवश बना हुआ गठबंधन है. प्रदेशों में चुनाव में लड़ते हैं और यहां आकर एकता दिखाने की कोशिश करते हैं, वहां एक-दूसरे के खिलाफ जहर उगलते हैं, यहां आकर हाथ पकड़ कर एक होने की कोशिश करते हैं.”

शेखावत ने कहा कि पिछले वर्षों में एक ही पैटर्न से अलग-अलग आंदोलन खड़े किए गए. “कभी राफेल को लेकर आंदोलन कर रहे होते हैं, कभी संविधान बचाने के नाम पर, कभी चुनाव आयोग के खिलाफ. इस तरह की सीरीज चलाते हैं, थोड़े दिन बाद उसे छोड़ कर नया विषय पकड़ लेते हैं. इसीलिए ये डिजाइन्ड तरीके से खड़े किए गए आंदोलन अपनी Political विफलता को छुपा कर अपनी महत्वाकांक्षा को प्राप्त करने का माध्यम हैं.”

राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “दुनिया में बहुत सारी चीजें नई आती हैं, लॉन्च होती हैं, वो लॉन्च होकर बड़ी होती हैं. फेसबुक पिछले बीस-पच्चीस साल में कहां से कहां पहुंच गया. स्पोर्ट्स में एमएस धोनी 2004 में आए और शिखर तक पहुंचे. फिल्म इंडस्ट्री में प्रियंका चोपड़ा बीस साल में कहां तक पहुंची. लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हर साल लॉन्च होने की कोशिश करते हैं और बार-बार रिलॉन्च होते रहते हैं. राहुल गांधी जी उस रिलॉन्च होने वाली मिसाइल हैं जो बार-बार रिलॉन्च होती है, कभी टारगेट तक पहुंचती नहीं.”

आमिर खान के भांजे इमरान खान को Mumbai Police द्वारा देश छोड़ने के लिए कहे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, “तो उचित भी है. कोई भी विदेशी नागरिक आकर India में अगर किसी आंदोलन का हिस्सा बनता है या Government के खिलाफ, व्यवस्था के खिलाफ, संवैधानिक संस्थानों के खिलाफ आंदोलन करता है तो निश्चित रूप से India में आने पर उसका पहला दायित्व है कि वो स्थानीय विषयों में हस्तक्षेप ना करे. कानून अपना काम कर रहा है और करना भी चाहिए.”

Supreme Court की गाइडलाइन पर उन्होंने कहा, “ये व्यवस्था पहले भी थी, सिर्फ स्पष्टीकरण Supreme Court ने दिया है. मुझे लगता है स्पष्टीकरण के लिए Supreme Court का अभिनंदन करना चाहिए. Rajasthan में भी कई मामले देखने को मिले. पहले भी यही था और Supreme Court ने उसका फर्दर स्पष्टीकरण कर दिया, इसलिए Supreme Court का धन्यवाद है, अभिनंदन है.”

Rajasthan में पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस के प्रचार पर उन्होंने कहा, “उनको मैं शुभकामनाएं देता हूं, देर आए दुरुस्त आए. चुनाव में तो आए. लेकिन परिणाम मैं अभी बता देता हूं और परिणाम के बाद की प्रतिक्रिया क्या होगी, ये भी बता देता हूं. पहले कहते थे ईवीएम का दुरुपयोग हो गया, फिर कहते थे इलेक्शन कमीशन ने मैनेज कर लिया, पिछली बार कह रहे थे डिलिमिटेशन खराब हो गया है. अब की बार कहेंगे कि प्रशासनिक ताकत के आधार पर भाजपा चुनाव जीत गई. उनका ये स्टेटमेंट लोकतंत्र में व्यवस्था का अपमान नहीं है, वो मतदाताओं का अपमान है, उनके मंतव्य का अपमान है, उनके विवेक का अपमान है.”

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डीएससी

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