Friday , 14 May 2021

दोनों संस्थानों का विलय एक और एक ग्यारह के बराबर है न कि दो के बराबर: डॉ.शेखर सी.मांडे


नई दिल्ली (New Delhi) . केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने नई दिल्ली (New Delhi) में वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के नए संस्थान सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर) का उद्घाटन किया.नया संस्थान,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, समाज और विज्ञान संचार व नीति अनुसंधान के इंटरफेस पर काम करने वाले सीएसआईआर-राष्‍ट्रीय विज्ञान संचार एवं सूचना स्रोत संस्‍थान (सीएसआईआर–निस्केयर) और सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और विकास अध्ययन संस्थान (सीएसआईआर–निस्टैड्स) नामक सीएसआईआर के दो प्रतिष्ठित संस्थानों के विलय के बाद स्थापित किया है. डॉ.हर्षवर्धन ने इस अवसर पर सीएसआईआर-एनआईएससीपीआरपरिसर के केंद्रीय लॉन में पौधारोपण के बाद नए संस्थान की पट्टिका का अनावरण किया.

उन्होंने कहा कि इस विलय का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसटीआई) नीति अनुसंधान और संचार के क्षेत्र में समझ विकसित करने के लिए विश्व स्तर पर एक सम्मानित थिंक टैंक और संसाधनकेंद्र के रूप में उभरने के दृष्टिकोण से दो संस्थानों की शक्ति को समन्वित तरीके से एकजुट करना है. सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर विज्ञान, संचार और नीति अनुसंधान के मुख्य क्षेत्रों के साथ समाज की सेवा करेगा जो कोविड-19 (Covid-19) महामारी (Epidemic) के दौरान महत्वपूर्ण साबित हुआ है.उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि साक्ष्य आधारित नीति और नवाचार “आत्मनिर्भर भारत” को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

डॉ.हर्षवर्धन ने कहा कि इन 2 महान संस्थानों के विलय से इनके इतिहास में महत्वपूर्ण मोड़ आयेगा और अब दोनों संस्थानों में निहित ज्ञान का भंडार इस नई इकाई को वैश्विक विज्ञान के क्षेत्र में बड़ा और प्रतिष्ठित संस्थान बनाने के लिए संयोजित करेगा. उन्होंने सभी से अपना दृष्टिकोण बदलने का आग्रह किया, और भविष्य के सपनों की बात कही जिससे “नया भारत” बनाने में मदद मिल सके. डॉ.शेखर सी.मांडे, महानिदेशक, सीएसआईआर ने कहा कि संस्थान का मिशन विभिन्न हितधारकों के बीच एसटीआई नीति अध्ययन और विज्ञान संचार को बढ़ावा देने के साथ ही विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उद्योग और समाज के इंटरफेस पर एक सेतु के रूप में कार्य करना है जो देश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम की मजबूत बुनियाद के लिए आवश्यक है.उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों का विलय “एक और एक ग्यारह के बराबर है न कि दो के”.

उन्होंने कहा कि वे इस नए संस्थान को हमेशा नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे. प्रोफेसर रंजना अग्रवाल, निदेशक सीएसआईआर-निस्केयर और सीएसआईआर-निस्टैड्स ने पिछले कुछ दशकों में दोनों संस्थानों द्वारा निभाई गई प्रमुख भूमिकाओं पर प्रकाश डाला.

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