Sunday , 11 April 2021

माफिया मुख्तार अंसारी को पंजाब से लाने योगी सरकार ने बनाई योजना, पुलिस टीम रवाना

लखनऊ (Lucknow) . पंजाब (Punjab) की रोपड़ जेल में कैद माफिया मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) लाने के लिए राज्य सरकार (State government) ने कमर कस ली है. गाजीपुर जिले के 3 पुलिस (Police)कर्मी पंजाब (Punjab) रवाना हो गए हैं. दरअसल सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने रोपड़ जेल अधीक्षक को नोटिस जारी किया था. यूपी सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने 18 दिसंबर को ये नोटिस जारी किया था. अब गाजीपुर पुलिस (Police) नई दिल्ली (New Delhi) से नोटिस लेकर रोपड़ जेल जाएगी. बता दें कई बार मुख्तार अंसारी के लिए कई प्रोडक्शन वारंट जारी हो चुका है. लेकिन पंजाब (Punjab) पुलिस (Police) खराब सेहत का हवाला देकर मुख़्तार अंसारी को यूपी नहीं भेजती है.

मुख्तार अंसारी को 2019 में लोकसभा (Lok Sabha) चुनाव के पहले यूपी की बांदा जेल से पंजाब (Punjab) की रोपड़ जेल भेज दिया गया था. तभी से वह वहां बंद है. उसके खिलाफ गाजीपुर में कई मामले चल रहे हैं, इन्हीं में पेशी के लिए मुख्तार अंसारी का प्रोडक्शन वारंट जारी कराया गया लेकिन हर बार रोपड़ जेल प्रशासन की तरफ से मुख्तार के खराब स्वास्थ का हवाला दिया जाता. इसके बाद यूपी सरकार ने मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) की शरण ली, जिसके बाद रोपड़ जेल अधीक्षक को 18 दिसंबर 2020 को एक नोटिस जारी किया गया. अब यूपी सरकार ने इस नोटिस को दिल्ली से लेकर सीधे रोपड़ जेल में हैंड डिलीवरी करवाने की तैयारी की है.

बता दें उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में योगी सरकार ने पिछले कुछ महीनों में मुख्तार अंसारी के गिरोह को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है. चाहे वह मुख्तार अंसारी हों या उसके अवैध धंधे करने वाले गुर्गे सभी के खिलाफ कार्रवाई जारी है. अब तक लखनऊ (Lucknow) से लेकर मऊ और गाजीपुर में करोड़ों की संपत्तियां बुलडोजर से ध्वस्त की जा चुकी हैं. इसी क्रम में योगी सरकार मुख्तार को किसी भी तरह यूपी लाने की कोशिश में जुटी है. लेकिन कई बार प्रोडक्शन वारंट लेकर पंजाब (Punjab) गई गाजीपुर और आजमगढ़ पुलिस (Police) को बैरंग लौटना पड़ा है. दरअसल गाजीपुर में फर्जी दस्तावेजों पर असलहे का लाइसेंस लेने के मामले में मुख्तार अंसारी को प्रयागराज (Prayagraj)स्पेशल कोर्ट में पेश होना था. वहीं आजमगढ़ में दर्ज आपराधिक मामले में सेशन कोर्ट ने तलब किया था. लेकिन हर बार रोपड़ जेल प्रशासन की तरफ से मेडिकल रिपोर्ट दिखाकर मुख्तार को यूपी पुलिस (Police) को नहीं सौंपा गया.

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