Sunday , 11 April 2021

किशनी के वकीलों पर ही मनमाना आदेश क्यों

मैनपुरी ( ). जिला की तहसील किशनी में वकीलों द्वारा 35 दिनों से अदालतों के वहिष्कार से न्यायिक प्रक्रिया ठप्प. तहसील किशनी मे पार्क के लिए आरक्षित जमीन पर वकीलो के बस्ते देख जिलाधिकारी ने पार्क खाली कराने के मौखिक आदेश विगत 19 जनवरी को तहसील दिवस पर उपजिलाधिकारी को दिये थे.जिसके बाद से ही वकीलों ने तहसील की सभी अदालतों का वहिष्कार कर दिया जिसकारण अदालतों केवल मुकदमों मे तारीख ही मिल रही है.

उपजिलाधिकारी रामशकल मौर्य ने जिलाधिकारी के निर्देशानुसार पुलिस (Police) बल के साथ एक बार बस्ते हटबाने का प्रयास किया तो कुछ वकीलो और बैनामा लेखको ने अपने बस्ते हटाकर एस डी एम न्यायालय के पीछे डाल दिये जबकि अभी कयी बस्ते पार्क मे ही लगे हुए हैं.वकीलो केअध्यक्ष रमाकान्त दुवे का कहना है कि काफी रुपया खर्च करने के बाद वकीलों ने बैठने योग्य जमीन तैयार की और बस्ते लगाये थे अब हमे हटाया जा रहा है तथा अदालतों के पीछे बैठने का हुक्म दिया जा रहा है जो सरासर गलत है क्योंकि वकील हमेशा न्यायालय के सामने बैठता रहा है जिले की हर तहसील हो या खुद कलक्ट्रेट हो तो फिर किशनी के बकीलों पर ही मनमाना आदेश क्यों.

अब स्थिति ये है कि न प्रशासन झुकने को तैयार है और न वकील पार्क से अपने बस्ते हटाने को तैयार. लेकिन प्रशासन और बकीलों के बीच टकराव से अदालती कार्य बन्द है जिसका खामियाजा वादकारी जनता को भुगतना पड़ रहा है.

 

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