वीसीके के अध्यक्ष थिरुमावलवन ने मेकेदातु मुद्दे पर की सर्वदलीय बैठक की मांग, नीट पर भी चिंता जताई

चेन्नई, 22 जून . विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन ने तमिलनाडु Government से मेकेदातु बांध के मुद्दे पर राज्य के सभी Political दलों की एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की है.

उन्होंने कहा कि कर्नाटक Government द्वारा प्रस्तावित मेकेदातु परियोजना को लेकर तमिलनाडु के हितों और उसके प्रभावों पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक में सत्ता में रहते हुए तमिलनाडु की चिंताओं को समझा था और तमिलनाडु के कांग्रेस नेता भी इस मुद्दे पर राज्य Government के साथ सहयोग करते रहे हैं.

उधर, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के लगातार प्रभावों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े तनाव के कारण हाल ही में सलेम के एक छात्र सहित कई छात्रों की मौतें अत्यंत दुखद हैं.

उन्होंने Government से इस मुद्दे पर विस्तृत विचार-विमर्श करने और परीक्षा प्रणाली को चुनौती देने के लिए सभी कानूनी विकल्पों की जांच करने की अपील की. थिरुमावलवन ने कहा, “Government को कानूनी विशेषज्ञों और Political नेताओं से चर्चा कर संवैधानिक और कानूनी तरीकों से उचित कदम उठाने चाहिए.”

उन्होंने अन्नाद्रमुक के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि पार्टी की वर्तमान स्थिति गंभीर है. अन्नाद्रमुक नेतृत्व को मौजूदा चुनौतियों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

थिरुमावलवन ने राज्य में ‘ऑनर किलिंग’ और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अक्सर पर्याप्त कार्रवाई नहीं होती.

उन्होंने सुझाव दिया कि जिस तरह राज्य Government ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाई है, उसी तरह ऑनर किलिंग रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि वीसीके और उसके सहयोगी दल जल्द ही इस संबंध में Chief Minister को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपेंगे.

उन्होंने यह भी मांग की कि तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही को संसद की तरह पूरी तरह से लाइव प्रसारित किया जाए, ताकि पारदर्शिता और जनता की भागीदारी बढ़ सके.

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई द्वारा नई Political पार्टी शुरू करने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए थिरुमावलवन ने आरोप लगाया कि इस कदम के पीछे भाजपा और आरएसएस की पृष्ठभूमि हो सकती है.

उन्होंने कहा कि चाहे नई पार्टी अलग छवि पेश करने की कोशिश करे लेकिन उसकी विचारधारा वही होगी. उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु की जनता इसका अलीस रूप पहचानकर अस्वीकार कर देगी.

एसएके/पीएम

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