
छत्रपति संभाजीनगर, 27 जून . Maharashtra की राजनीति में शिवसेना को लेकर जारी सियासी बयानबाजी के बीच सांसद ओमराजे निंबालकर ने कहा कि उनकी प्राथमिकता मंत्री पद हासिल करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है. वहीं, Maharashtra Government के मंत्री संजय शिरसाट और सांसद श्रीकांत शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उपChief Minister एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना लगातार मजबूत हो रही है.
छत्रपति संभाजीनगर में सांसद ओमराजे निंबालकर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने कभी Union Minister बनने के लिए प्रयास नहीं किए. उनका उद्देश्य हमेशा जनता के मुद्दों को उठाना और विकास कार्यों को गति देना रहा है. उन्होंने कहा कि अब सत्ता का सहयोग मिलने से क्षेत्र के विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा.
उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर निंबालकर ने कोई Political टिप्पणी करने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि Political आरोप-प्रत्यारोप से अधिक महत्वपूर्ण जनता की समस्याओं का समाधान करना है. उनका कहना था कि यदि जनप्रतिनिधि लोगों के लिए काम करेंगे, तभी जनता का विश्वास बनाए रख सकेंगे.
इस बीच Maharashtra Government के मंत्री संजय शिरसाट ने उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह दौरा जनता की समस्याओं को समझने के लिए नहीं, बल्कि केवल Political माहौल का आकलन करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में महायुति के साथ चुनाव लड़ने के बाद उद्धव ठाकरे ने ही गठबंधन से अलग होकर Government बनाई थी. शिरसाट ने कहा कि दूसरों को ‘गद्दार’ कहने से पहले उन्हें अपने फैसलों पर आत्ममंथन करना चाहिए.
संजय शिरसाट ने यह भी आरोप लगाया कि वर्षों तक पार्टी के लिए काम करने वाले शिवसैनिकों का सम्मान नहीं किया गया, जिसके कारण कई नेता और कार्यकर्ता उनसे दूर होते चले गए. उन्होंने कहा कि वर्तमान Political परिस्थितियों के लिए दूसरों को दोष देने के बजाय उद्धव ठाकरे को अपने नेतृत्व की समीक्षा करनी चाहिए.
वहीं, सांसद श्रीकांत शिंदे ने दावा किया कि उपChief Minister एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) के छह सांसद शिवसेना में शामिल हुए हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार विस्तार कर रही है और संगठन को मजबूत करने के लिए राज्यभर में व्यापक स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है.
केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलों को खारिज करते हुए श्रीकांत शिंदे ने कहा कि यह केवल मीडिया की चर्चा है. उद्धव ठाकरे के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें पहले यह आत्मचिंतन करना चाहिए कि उनसे नेता और कार्यकर्ता क्यों अलग हो रहे हैं? उन्होंने दावा किया कि केवल आरोप लगाने से Political स्थिति मजबूत नहीं होगी और जनता विकास के आधार पर ही अपना निर्णय करेगी.
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एससीएच/डीकेपी