Sunday , 11 April 2021

हिमाचल में पर्यटक 5 और नई जगहों पर पैराग्लाइडिंग का उठा सकेंगे लुत्फ

शिमला (Shimla) . हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)की जयराम सरकार ने साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पैराग्लाइडिंग और रीवर राफ्टिंग के लिए नए स्थान चिहिन्त किए हैं. पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक यूनुस ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया ‎कि प्रदेश में आने वाले पर्यटक अब कुल्लू, मण्डी, कांगड़ा, चम्बा और शिमला (Shimla) जिले में नए स्थानों पर जाकर पैराग्लाइडिंग का लुत्फ उठा सकते हैं.

यूनुस ने कहा ‎कि सरकार की “नई राहें नई मंजिलें” योजना के तहत प्रदेश में सहासिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अनछुए क्षेत्रों को विकसित करने की संभावनएं भी तलाश की जा रहीं हैं. अब कुल्लू जिला के पंधारा से गाड़सा और खड़गान से नंगाबाग में भी पैराग्लाइडिंग शुरू होगी. इसके अलावा कांगड़ा जिले में तंग नरवाना से खिरकू, चम्बा जिले में दरोटा से लहारा और लहारा से दरोल, रेना से नैनीखड्ड जरैई क्षेत्र को पैराग्लाइडिंग साइट के लिए अधिसूचित किया गया है. इसके अलावा मण्डी में पैराग्लाइडिंग के लिए अधिसूचित किए गए स्थानों में पराशर और स्पेनीधार और शिमला (Shimla) जिले में टिक्कर, जुन्गा से चैरी शामिल हैं. साथ ही जल क्रीड़ा को प्रोत्साहित करने के लिए ब्यास नदी में नादौन से देहरा पुल को रीवर राफ्टिंग के लिए अधिसूचित किया गया है. साथ ही पर्यटन विभाग ने पैराग्लाइडिंग पायलट और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं सम्बद्ध खेल संस्थान, मनाली के समन्वय से पैराग्लाइडिंग पायलटों को प्रशिक्षण देने की पहल की है. इसके तहत टैंडम पैराग्लाइडिंग पायलट के लिए एसआईवी पाठ्यक्रम शामिल है, जो पैराग्लाइडिंग के लिए एक सुरक्षा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम है.

निदेशक यूनुस बताया ‎कि बीते 2 सालों में 749 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है. इनमें सामान्य पर्वतारोहण पाठ्यक्रम, पैराग्लाइडिंग पाठ्यक्रम, बुनियादी, मध्यम और आधुनिक स्कींइग पाठ्यक्रम के अलावा नए चिन्हित किए गए क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एसआईवी आदि कोर्स शामिल हैं. प्रदेश में कांगड़ा जिले बीड़-बिलिंग और धर्मशाला के निकट चोहला इन्द्रू नाग, सोलन में मौजा रिहाद से करगाणु, सिरमौर में सेर-जगास में पैराग्लाइडिंग की जाती है.

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