दिल्ली के शख्स से साइबर धोखाधड़ी, राजस्थान से तीन आरोपी गिरफ्तार

New Delhi, 16 जून . New Delhi के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया Police स्टेशन ने ‘ऑपरेशन प्री-साइहॉक’ के तहत साइबर धोखाधड़ी का एक मामला सुलझा लिया है. इस मामले में 99,000 रुपए का अनधिकृत ट्रांसफर हुआ था और Police ने बहुत कम समय में Rajasthan के झुंझुनूं से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

ओखला फेज-1 के रहने वाले अनूप हलधर ने Police को दी शिकायत में बताया कि उन्हें अपने मोबाइल फोन पर एक अनजान लिंक मिला था. उस लिंक पर क्लिक करते ही उनका डिवाइस हैक हो गया, जिसके बाद उनके कोटक महिंद्रा बैंक खाते से 99,000 रुपए निकाल लिए गए. तुरंत सतर्कता दिखाते हुए उन्होंने घटना की सूचना नेशनल साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 पर दी.

जांच के दौरान Police ने डिजिटल मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन का डिजिटल रिकॉर्ड) का बारीकी से पता लगाया और Rajasthan के झुंझुनूं में उस खाते की पहचान की, जिसमें पैसे ट्रांसफर हुए थे. इकट्ठा किए गए सबूतों के आधार पर ओखला इंडस्ट्रियल एरिया Police स्टेशन में First Information Report दर्ज की गई और जांच का जिम्मा सब इंस्पेक्टर संजय मीणा को सौंपा गया.

संजय मीणा, हेड constable धर्मपाल और कॉन्स्टेबल जय राम की टीम तुरंत Rajasthan गई और उस व्यक्ति रजत को पकड़ा, जिसके खाते में पैसे आए थे. पूछताछ से पता चला कि यह खाता मितेश और मनोज कुमार की मदद से खुलवाया और चलाया गया था. उन्होंने धोखाधड़ी से हासिल पैसे को इधर-उधर भेजने के लिए इसे ‘म्यूल अकाउंट’ (धोखाधड़ी के पैसे के लेन-देन के लिए इस्तेमाल होने वाला खाता) के तौर पर इस्तेमाल किया था.

हालांकि, आरोपियों ने सिर्फ वॉयस और व्हाट्सएप कॉल के जरिए बात करके और अपने मोबाइल फोन बंद रखकर Police से बचने की कोशिश की, लेकिन असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर राखी और हेड constable अभय की मदद से लगातार टेक्निकल सर्विलांस, डिजिटल एनालिसिस और साइबर जांच के जरिए टीम ने Rajasthan के नवलगढ़ में एक किराए के मकान से आरोपियों को ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया.

इस ऑपरेशन में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 21,000 रुपए नकद, साजिश रचने वालों को जोड़ने वाली व्हाट्सएप चैट, लाभार्थी की बैंक पासबुक और आधार कार्ड बरामद किए गए, जो इस मामले में अहम सबूत साबित हुए.

ओपी/डीकेपी

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