
New Delhi, 29 जून . राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने Lucknow के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में 22 जून को लगी भीषण आग की घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और Police कमिश्नर से जवाब तलब किया है.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने Lucknow के जिलाधिकारी (डीएम) और Police आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (एटीआर) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि जिस बहुमंजिला इमारत में आग लगी, वहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और भवन निर्माण व सुरक्षा संबंधी नियमों का गंभीर उल्लंघन किया गया था.
शिकायत के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए. शिकायतकर्ता ने एनएचआरसी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, पीड़ितों और उनके परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.
शिकायत में यह भी कहा गया कि आयोग भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, छात्रों और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन की तैयारियों तथा नियामक एजेंसियों और संबंधित Governmentी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराए. इसके साथ ही हादसे में घायल सभी छात्रों को समुचित और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश जारी करने की मांग भी की गई.
एनएचआरसी ने अपने नोटिस में अधिकारियों को India Government के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी ‘कोचिंग सेंटर्स के नियमन के लिए गाइडलाइंस, 2024’ का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और इसके अनुपालन की रिपोर्ट भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा है.
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिस बहुमंजिला इमारत में आग लगी थी, वहां कोचिंग सेंटर के अलावा लाइब्रेरी, एनिमेशन स्टूडियो और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी संचालित हो रहे थे. ऐसे में भवन की सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन उपायों पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं.
वहीं, उत्तर प्रदेश Government ने भी इस हादसे की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. एसआईटी में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और अपर Police महानिदेशक (Lucknow जोन) प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है. टीम ने 23 जून को घटनास्थल का निरीक्षण कर आग लगने के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच शुरू कर दी है.
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एसएके/पीएम