असम में बाढ़: अमित शाह ने सीएम हिमंता बिस्वा सरमा से बात की, मदद का दिया भरोसा

गुवाहाटी, 29 जून . असम में बाढ़ के बीच, Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Monday को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य को केंद्र से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है. बाढ़ की वजह से कई जिलों के 22,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.
social media पर जानकारी देते हुए सीएम सरमा ने बताया कि गृह मंत्री शाह ने फोन पर उनसे बात की और बाढ़ की स्थिति, खासकर सबसे ज्यादा प्रभावित धेमाजी जिले के हालात के बारे में पूछा.
Chief Minister ने पोस्ट में लिखा कि मैं गृहमंत्री अमित शाह का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने फोन करके धेमाजी में बाढ़ की स्थिति के बारे में पूछा. मैंने उन्हें अभी चल रहे राहत और पुनर्वास कार्यों के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने इस स्थिति से निपटने के लिए India Government की ओर से हर संभव मदद और सहयोग का भरोसा भी दिलाया है.
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, असम और पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण छह जिलों धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और कोकराझार में 22,124 लोग प्रभावित हुए हैं.
धेमाजी सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बना हुआ है जहां लगातार बारिश से इलाके के बड़े हिस्से में पानी भर जाने के कारण 15,483 लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं.
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ का पानी 96 गांवों में घुस गया है और लगभग 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है. इससे फसलें प्रभावित हुई हैं और हजारों किसानों की आजीविका पर असर पड़ा है. प्राधिकरण ने यह भी बताया कि इस बाढ़ के दौरान 48,199 पशु भी प्रभावित हुए हैं.
बाढ़ बुलेटिन में आगे बताया गया है कि शिवसागर जिले में दिसांग नदी नांगलामुराघाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे भारी बारिश जारी रहने पर निचले इलाकों में और ज्यादा पानी भरने का डर पैदा हो गया है.
इस बीच, भारी बारिश और कटाव के कारण धेमाजी जिले में सिमेन नदी पर बना रेलवे पुल आंशिक रूप से ढह गया, जिससे इलाके में रेल संपर्क बाधित हो गया है.
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने आर्चीपाथर और सिमेन चपारी स्टेशनों के बीच ट्रेनों की आवाजाही रोक दी है. 110 मिमी से ज्यादा बारिश के कारण जबरदस्त बाढ़ आ गई और नदी के किनारे का वह बड़ा हिस्सा बह गया जो पुल के एक खंभे (पियर) को सहारा दे रहा था.
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्वास कार्य चल रहे हैं जबकि लगातार बारिश के पूर्वानुमान के बीच प्रशासन अलर्ट पर है.
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डीकेएम/पीएम


