नन्हें-मुन्हें बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए जरूरी हैं ये तीन आसन, आज से ही करें शुरू

New Delhi, 16 फरवरी . आज की जीवनशैली को देखते हुए व्यायाम और योग हर वर्ग और उम्र के लिए जरूरी है. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ शरीर के विकास के लिए भी योग जरूरी है

बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और काया को निरोगी बनाता है. आज हम बच्चों के लिए आसान लेकिन प्रभावी योगासन की जानकारी लेकर आए हैं जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से हो सके.

बच्चों को एक जगह बैठाकर आसन कराना बहुत मुश्किल है. ऐसे में बच्चों द्वारा खड़े होकर आसान और प्रभावी आसन किए जा सकते हैं. आयुष मंत्रालय ने बच्चों के लिए आसन के कुछ सुझाव दिए हैं, जिनमें ताड़ासन, वृक्षासन और पर्वतासन शामिल हैं. ये आसन बच्चों को खेल-खेल में भी कराए जा सकते हैं. ताड़ासन करने से बच्चों के पैर, टखने और पिंडलियों की मांसपेशियां मजबूत होंगी और यह लंबाई बढ़ाने में भी कारगर है. इसके साथ ही ताड़ासन कंधों को लचीला बनाने में मदद करता है और पूरे शरीर की मांसपेशियों पर पड़ने वाले दबाव को भी कम करता है. इससे शरीर के हर हिस्से में रक्त संचार बढ़ता है.

दूसरा आसन है वृक्षासन. वृक्षासन करने में थोड़ा मुश्किल है, लेकिन समय के साथ बच्चे खुद को संतुलित करना सीख जाएंगे. वृक्षासन से शरीर को संतुलन मिलता है, पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, और यह नन्हें-मुन्हें कंधों पर किताबों के भारी बोझ को भी कम करने में मदद करता है.

तीसरा आसन है पर्वतासन. ये बच्चों का पसंदीदा आसन है क्योंकि बच्चे को अपने शरीर को पर्वत की तरह शेप देना होता है और इससे हाथ और पैर दोनों को ही मजबूती मिलती है. पर्वतासन बच्चों की मंद पड़ी पाचन अग्नि को भी तेज करने का काम करता है, जिससे बच्चों को आहार का पूरा पोषण मिलता है.

यह तीन आसन बच्चों को नियमित रूप से अपनी जीवनशैली में शामिल करने चाहिए और माता-पिता को भी बच्चों को योग और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रेरित करना चाहिए. योगासन बच्चों की शारीरिक और मानसिक गतिविधि को बढ़ाते हैं और शरीर को लचीला और विकसित बनाने में मदद करेंगे.

पीएस/एएस

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