Thursday , 3 December 2020

पटना में मुस्लिम महिलाओं ने छठ घाटों की सफाई कर दिया सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश

पटना (Patna) . लोक आस्था का महापर्व छठ यूं तो हिंदुओं का महान और पवित्र पर्व माना जाता है, लेकिन इस पर्व को लेकर मुस्लिम संप्रदाय के लोग भी उतनी ही आस्था रखते हैं. ऐसी ही एक मिसाल पटनासिटी के खाजेकला स्थित आदर्श घाट पर देखने को मिली, जहां दर्जनों की संख्या में मुस्लिम महिलाओं ने गंगा किनारे छठ घाट की सफाई की.

पूर्व वार्ड पार्षद मुमताज जहां के नेतृत्व में दर्जनों मुस्लिम महिलाओं ने हाथों में झाड़ू और बेलचा लेकर छठ घाट की साफ सफाई की और हिंदू- मुस्लिम एकता का संदेश दिया. मुमताज जहां ने कहा कि छठव्रतियों को किसी प्रकार का कोई कष्ट ना हो इसको लेकर मुस्लिम महिलाओं का एक जत्था पिछले 18 वर्षों से छठ पूजा के मौके पर अभियान चलाकर साफ-सफाई करती आ रही हैं. पूर्व वार्ड पार्षद ने कहा कि समाज में कुछ लोग जाति और संप्रदाय के नाम पर वैमनस्यता पैदा करने की कोशिश में लगे रहते हैं, लेकिन उनकी यह कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी.

उन्होंने छठ पर्व को आपसी प्रेम और भाईचारा का पर्व करार देते हुए सभी श्रद्धालुओं को छठ पूजा की मुबारकबाद दी. चार दिनों तक चलने वाला छठ महापर्व नहाय-खाय के साथ बुधवार (Wednesday) को शुरू हो गया. छठ पर्व इस साल 18 से 21 नवंबर तक मनाया जाएगा. बिहार (Bihar) में छठ काफी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दौरान पटना (Patna) में गंगा नदी के किनारे श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है. छठ मनाने में पवित्रता का विशेष महत्व है. सूर्य उपासना के इस पर्व में व्रतियां पहले डूबते फिर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर सुख, समृद्धि और शांति की कामना करती हैं.