
तिरुवनंतपुरम, 20 अप्रैल . केरल के वायनाड में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में बनाए गए नए Governmentी टाउनशिप प्रोजेक्ट के घरों में दरारें और लीकेज को लेकर विवाद Monday को और बढ़ गया. इस बीच राजस्व और आवास मंत्री के राजन ने इस मामले पर नई सफाई दी है. Government की ओर से स्पष्टीकरण जारी किए जाने के बावजूद विपक्षी दलों और social media पर इस मुद्दे को लेकर आलोचना तेज हो गई है.
मंत्री ने कहा कि दो घरों में पानी रिसने की समस्या पाई गई थी और उन्होंने खुद जाकर निरीक्षण किया, ताकि यह देखा जा सके कि प्रभावित हिस्सों को सही तरीके से चिन्हित किया गया है या नहीं.
उन्होंने आरोपों को खारिज किया कि उन्होंने निर्माण में खामियों को छिपाने की कोशिश की.
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब टाउनशिप के तीन घरों में दरारें और लीकेज की शिकायत सामने आई, जिन्हें Government ने बनाया और लाभार्थियों को सौंपा था. इसके बाद विपक्षी दलों ने Government पर सवाल उठाए और social media पर भी आलोचना तेज हो गई.
आरोप है कि Government ने इन खामियों को छिपाने की कोशिश की. इससे जुड़े social media पर वीडियो वायरल और फोटो वायरल हो गए.
इस बीच मंत्री राजन ने अपने ऊपर हो रही व्यक्तिगत टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें दैनिक मजदूर कहे जाने पर गर्व है. इस बयान को लेकर social media पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं.
उन्होंने यह भी अपील की कि आपदा प्रभावित एक निवासी नौफाल को लेकर हो रहे साइबर हमलों को रोका जाए और संवेदनशीलता बरती जाए.
इसी बीच Government ने घोषणा की है कि टाउनशिप के 178 घरों में रहने वाले लोग मई के पहले सप्ताह तक अपने घरों में शिफ्ट हो सकेंगे.
अधिकारियों के अनुसार, तीन चरणों में जांच प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है, जो 30 अप्रैल तक खत्म होने की उम्मीद है, ताकि घरों की सुरक्षा और रहने योग्य स्थिति सुनिश्चित की जा सके.
मंत्री ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह पुनर्वास कार्यों में सहयोग करने के बजाय इसे Political मुद्दा बना रही है.
विवाद बढ़ने के साथ ही यह मामला पोस्ट-डिजास्टर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.
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एएमटी/वीसी