राष्ट्रवाद और विकास की धारा को गंगासागर तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता : सुधांशु त्रिवेदी

कोलकाता, 26 अप्रैल . भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने Sunday को कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) Government पर तीखा हमला बोला. उन्होंने टीएमसी पर संस्थागत भ्रष्टाचार, अपराधियों के बढ़ते बोलबाले और खतरनाक तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया.

सुधांशु त्रिवेदी ने से बात करते हुए कहा कि इन तीनों कारकों ने मिलकर पश्चिम बंगाल के विकास को बुरी तरह बाधित किया है और राज्य में डर का माहौल पैदा कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता अब इस डर और असुरक्षा को पीछे छोड़कर पूरे भरोसे और दृढ़ संकल्प के साथ भाजपा की ओर रुख कर रही है. Prime Minister मोदी के नेतृत्व में भाजपा राज्य के नागरिकों को विकास बहाल करने का भरोसा दिला रही है.

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “एक समय था जब पश्चिम बंगाल, खासकर कोलकाता, विकास, उद्योग, आर्थिक प्रगति और रोजगार का मुख्य केंद्र माना जाता था. हमारे बचपन में एक कहावत थी कि अवसरों के लिए हर कोई कोलकाता की ओर देखता था. लेकिन आज टीएमसी Government के शासन में राज्य पिछड़ गया है.”

उन्होंने केंद्र Government की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “Prime Minister मोदी के नेतृत्व में मुद्रा योजना, हर घर नल योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छता अभियान और Prime Minister आवास योजना जैसी पहलों से महिलाओं को विशेष लाभ पहुंचाया गया है. इन योजनाओं ने गरीब महिलाओं को मालिकाना हक दिया है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है.”

BJP MP ने टीएमसी Government पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिलाओं को अंधेरा होने के बाद बाहर न निकलने की सलाह दी है. उन्होंने कहा, “यह महिलाओं की सुरक्षा के प्रति Government की उदासीनता है.”

टीएमसी के चुनावी घोषणापत्र का नाम ‘इश्तेहार’ रखने पर उन्होंने सवाल किया. उन्होंने पूछा, “टीएमसी अक्सर बंगाली भाषा और अस्मिता की बात करती है, लेकिन उन्होंने अपना घोषणापत्र का नाम ‘इश्तेहार’ क्यों दिया? ‘इश्तेहार’ कोई बंगाली शब्द नहीं है. यह अरबी-फारसी मूल का शब्द है, जिसका इस्तेमाल उर्दू में होता है. किस मानसिकता के तहत यह शब्द चुना गया?”

त्रिवेदी ने ममता बनर्जी के पुराने बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उनकी Government सत्ता में नहीं रही तो एक खास समुदाय कुछ ही सेकंड में सब कुछ तबाह कर सकता है. इससे तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप और मजबूत होता है.

उन्होंने भाजपा के घोषणापत्र का उल्लेख करते हुए कहा, “अगर पार्टी की Government बनी तो अगले पांच वर्षों में राज्य में एक करोड़ रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे. उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा. महिलाओं को 3,000 रुपए की मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी. महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलग महिला Police बटालियन का गठन किया जाएगा. हम कोलकाता और पूरे पश्चिम बंगाल को विकास के उच्च स्तर पर ले जाएंगे. पूर्वी India में बाढ़ की समस्या को केंद्र Government ने गंभीरता से लिया. नदियों की गाद निकाली गई, उन्हें गहरा किया गया, और अंतर्देशीय जल परिवहन प्रणालियां शुरू की गईं. आज पूर्वी क्षेत्र में 100 से अधिक राष्ट्रीय जलमार्ग चालू हैं.”

सुधांशु त्रिवेदी ने गंगा नदी का सुंदर प्रतीकात्मक उल्लेख किया. उन्होंने कहा, “गंगा उत्तराखंड के गंगोत्री से निकलती है, हरिद्वार के बाद उत्तर प्रदेश में यमुना से मिलती है, फिर बिहार और पश्चिम बंगाल से होकर बहती है. गंगा के किनारे राष्ट्रवाद और विकास की धारा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार तक पहुंच चुकी है. अब कोई इसे गंगासागर तक पहुंचने से नहीं रोक सकता. जो लोग बंगाली अस्मिता की बात करते हैं, वे पहले अपने घोषणापत्र का नाम बंगाली में क्यों नहीं रखते? यूसुफ पठान जैसे नेता बाहर से आते हैं, चुनाव जीतते हैं और चले जाते हैं. वे बंगाली का एक शब्द भी नहीं बोल पाते. यह सोचने वाली बात है.”

उन्होंने टीएमसी और कुछ अन्य दलों पर आरोप लगाया कि उनका दो-सूत्रीय एजेंडा सनातन धर्म का विरोध और घुसपैठ का समर्थन है. त्रिवेदी ने तमिलनाडु का उदाहरण दिया जहां सनातन धर्म के खिलाफ सम्मेलन आयोजित किए गए. उन्होंने कहा कि टीएमसी का फॉर्मूला पूरे देश में एक जैसा है.

सांसद ने महिला सशक्तीकरण को भाजपा की सुस्थापित नीति बताया. उन्होंने 15 अगस्त 2014 को लाल किले से Prime Minister मोदी की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ घोषणा का जिक्र किया. इसके परिणामस्वरूप लिंगानुपात और नवजात बालिकाओं की स्थिति में सुधार हुआ है.

उन्होंने पश्चिम बंगाल Government के बजट की आलोचना करते हुए कहा कि औद्योगिक विकास के लिए मात्र 1,100 करोड़ रुपए और विज्ञान-प्रौद्योगिकी के लिए 182 करोड़ रुपए आवंटित किए गए, जबकि मौलवियों, मुअज्जिनों और मदरसों के लिए 5,713 रुपए करोड़ दिए गए.

एससीएच/एबीएम

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