बीआरएस ने कार्यकर्ताओं से गठन दिवस पर हर गांव में पार्टी का झंडा फहराने को कहा

हैदराबाद, 26 अप्रैल . India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने Sunday को पार्टी कार्यकर्ताओं से Monday को बीआरएस के स्थापना दिवस के अवसर पर हर गांव, कस्बे, निर्वाचन क्षेत्र और जिला मुख्यालय में पार्टी का झंडा फहराने का आह्वान किया.

पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक टेलीकांफ्रेंस के दौरान, रामा राव ने कार्यकर्ताओं से गठन दिवस के मौके पर पार्टी के झंडे फहराने का आग्रह किया.

केटीआर ने घोषणा की कि Monday को तेलंगाना भवन में राज्य-स्तरीय प्रतिनिधियों की एक बैठक आयोजित की जाएगी.

उन्होंने बताया कि, हाल ही में जगतियाल में आयोजित विशाल जनसभा को देखते हुए, और मौजूदा भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए, इस बार पूर्ण सत्र को राज्य कार्यकारी समिति की बैठक तक सीमित रखा गया है; यह बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व Chief Minister के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के निर्देशों के अनुसार किया गया है.

पार्टी ने स्पष्ट किया कि इस बैठक के लिए निमंत्रण विशेष रूप से राज्य कार्यकारी समिति के सदस्यों, सांसदों, विधायकों, एमएलसी, जिला अध्यक्षों, साथ ही पूर्व जन प्रतिनिधियों और विभिन्न निगमों के पूर्व अध्यक्षों को भेजे गए हैं.

केटीआर ने अनुरोध किया कि, तेलंगाना भवन में प्रवेश की सीमित क्षमता को देखते हुए, केवल वही लोग बैठक में शामिल हों जिन्हें निमंत्रण मिला है.

उन्होंने अन्य नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ही रहें और वहीं बड़े पैमाने पर समारोह आयोजित करें.

दूर-दराज के स्थानों से आने वाले प्रतिनिधियों को सलाह दी गई है कि वे सुबह अपने-अपने स्थानीय क्षेत्रों में झंडा फहराने के समारोह संपन्न कर लें और दोपहर 1.30 बजे तक हैदराबाद पहुंच जाएं.

केसीआर ने तेलंगाना आंदोलन को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से वर्ष 2001 में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) का गठन किया था. अलग राज्य का सपना 2 जून, 2014 को साकार हुआ.

वर्ष 2022 में, टीआरएस ने अपना नाम बदलकर बीआरएस कर लिया, क्योंकि केसीआर पार्टी का विस्तार अन्य राज्यों में भी करने की योजना बना रहे थे.

हालांकि, तेलंगाना पर लगभग एक दशक तक शासन करने के बाद, वर्ष 2023 में बीआरएस को तेलंगाना में कांग्रेस के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी.

वर्ष 2024 के Lok Sabha चुनावों में बीआरएस को करारी हार का सामना करना पड़ा. पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका, जो उसका अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन रहा.

एससीएच

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