राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को 10 महीने बाद मिली जमानत

New Delhi, 28 अप्रैल . Madhya Pradesh के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को आखिरकार दस महीने बाद कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. ईस्ट खासी हिल्स जिले की अदालत ने सोनम रघुवंशी को जमानत देते हुए साफ कहा कि गिरफ्तारी के वक्त कानून के मुताबिक उसे उसके खिलाफ लगे आरोपों की सही और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी, जो उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

दरअसल, सोनम रघुवंशी को 9 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था. यह गिरफ्तारी Madhya Pradesh के व्यापारी राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़े मामले में हुई थी. गिरफ्तारी के बाद से ही सोनम शिलॉन्ग की जेल में बंद थी. जांच एजेंसियों ने 5 सितंबर 2025 को चार्जशीट दाखिल की और बाद में फरवरी 2026 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी पेश की गई. हालांकि, इतने लंबे समय के बावजूद केस की सुनवाई काफी धीमी रही और अब तक 90 गवाहों में से सिर्फ 4 की ही गवाही हो पाई है, जिससे ट्रायल में देरी साफ नजर आती है.

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने जोरदार दलील दी कि आरोपी को गिरफ्तारी के समय यह नहीं बताया गया कि उसे किन धाराओं में गिरफ्तार किया जा रहा है. वकील ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 22(1) का सीधा उल्लंघन है, जो हर गिरफ्तार व्यक्ति को उसके खिलाफ आरोपों की जानकारी देने की गारंटी देता है. इसके साथ ही यह भी दलील दी गई कि बिना ट्रायल के लंबे समय तक जेल में रखना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है और आरोपी को अनिश्चित काल तक कैद में नहीं रखा जा सकता.

वहीं, Governmentी पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को गिरफ्तारी की जानकारी दी गई थी और यह उसकी चौथी जमानत अर्जी है, इसलिए इस तरह की दलील अब देना सही नहीं है.

कोर्ट ने दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि गिरफ्तारी से जुड़े कागजात में कई गड़बड़ियां हैं. खास तौर पर, जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ था, उनका सही उल्लेख आरोपी को नहीं बताया गया था और “ग्राउंड ऑफ अरेस्ट” यानी गिरफ्तारी के कारण भी स्पष्ट रूप से नहीं बताए गए थे.

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि किसी भी आरोपी को गिरफ्तारी के वक्त उसके खिलाफ लगे आरोपों की स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य है और ऐसा न करना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. कोर्ट ने माना कि इस मामले में आरोपी को सही तरीके से जानकारी नहीं दी गई, जिससे उसके बचाव के अधिकार पर असर पड़ा. यही वजह रही कि अदालत ने उसे जमानत देने का फैसला लिया.

हालांकि, कोर्ट ने जमानत देते समय कुछ शर्तें भी लगाई हैं. आरोपी को 50 हजार रुपये का निजी बॉन्ड और दो जमानतदार देने होंगे. साथ ही उसे हर सुनवाई में कोर्ट में पेश होना होगा, सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करनी होगी और बिना अनुमति कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं जाना होगा.

बता दें कि राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 21 मई 2025 को हनीमून मनाने शिलांग गए थे. यहां से दोनों 26 मई को सोहरा घूमने गए, जहां दोनों लापता हो गए थे. Police, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया. करीब एक हफ्ते बाद 2 जून 2026 को राजा का शव सोहरा के मशहूर वेई सादोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में मिला था. राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप पत्नी सोनम, राज कुशवाहा और तीन हमलावर विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी पर लगे हैं. हालांकि इन सभी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है.

ओपी/एबीएम

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