कड़कड़डूमा कोर्ट की महिला वकील पर जानलेवा हमले का Supreme Court ने लिया स्वतः संज्ञान

New Delhi, 27 अप्रैल . दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली महिला वकील मधु राजपूत पर उनके पति द्वारा जानलेवा हमले का मामला Supreme Court तक पहुंच गया है. Supreme Court ने इस गंभीर घटना का स्वतः संज्ञान लिया और तुरंत सुनवाई करते हुए कई महत्वपूर्ण आदेश जारी किए.

आरोप है कि 24 अप्रैल की रात को पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने महिला वकील पर तलवार जैसी धारदार हथियार से हमला किया. हमले में उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं. हमले के बाद उन्हें उनके सोनिया विहार स्थित ऑफिस में बंद कर दिया गया, जिससे इलाज में देरी हुई. तीन अस्पतालों ने उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया. केवल प्राथमिक उपचार के बाद सुबह करीब 6 बजे उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती किया जा सका. पीड़िता की हालत अभी गंभीर बनी हुई है.

Supreme Court ने इस पूरे मामले पर गहरी चिंता जताई. सीजेआई सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि अस्पतालों द्वारा इलाज से इनकार करना बेहद चिंताजनक है. कोर्ट ने Police अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पीड़िता की दो नाबालिग बेटियों का पता लगाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें. फिलहाल बड़ी बेटी को उसके नाना-नानी की कस्टडी में ही रहने दिया जाएगा.

अदालत ने जांच अधिकारी को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करने और जल्द से जल्द स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया. पीड़िता की गंभीर स्थिति को देखते हुए Supreme Court ने नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को निर्देश दिया कि वह पीड़िता के इलाज और उनकी बेटियों की देखभाल के लिए अंतरिम वित्तीय सहायता राशि कल तक जारी कर दे.

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पीड़िता के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि महिला वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है. इस मामले में Supreme Court वीमेंस लॉयर्स एसोसिएशन ने भी हमले की निंदा की और पीड़िता को हरसंभव मदद देने की मांग की है.

वीसी

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