गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर उन्हें नमन किया

New Delhi, 27 . सिख धर्म के दशम गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. इस मौके पर Saturday को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई भाजपा नेताओं ने गुरु गोबिंद सिंह को याद किया है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सिख धर्म के दशम गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं. अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, अत्याचार का प्रतिकार व मानवता की रक्षा के प्रतीक गुरु गोबिंद सिंह ने धर्म और संस्कृति के लिए अपने चारों पुत्रों व माता गुजरी जी समेत स्वयं का सर्वोच्च बलिदान दिया. मानव इतिहास में ऐसे अद्वितीय त्याग के कारण वे ‘सरबंसदानी’ कहलाए. खालसा पंथ की स्थापना के माध्यम से सिख धर्म को सेवा के साथ-साथ रक्षा का सशक्त स्तंभ बनाने वाले गुरु साहिब के पंच प्यारे देशभर में मानव समाज की सुरक्षा के पर्याय बन गए.”

Union Minister नितिन गडकरी ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह के विचार सदियों को प्रेरित करते रहेंगे. उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. उनका जीवन और उनके विचार सदियों को प्रेरित करते रहेंगे. आज उनके प्रकाश पर्व के अवसर पर उन्हें कोटि-कोटि नमन.”

उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने भी गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर उन्हें नमन किया है. सीएम योगी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “महान संत एवं धर्मयोद्धा, साहस और त्याग की प्रतिमूर्ति, खालसा पंथ के संस्थापक, दशमेश पिता गुरु श्री गोबिंद सिंह जी महाराज के पावन प्रकाश पर्व पर उन्हें कोटि-कोटि नमन. अन्याय व अधर्म के विरुद्ध आपका संघर्ष और धर्मरक्षा का संदेश संपूर्ण मानवता को सत्य, निष्ठा एवं निर्भीकता के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है.”

उत्तराखंड के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, “साहस, बलिदान और धर्मनिष्ठा के पर्याय, खालसा पंथ के संस्थापक एवं सिख पंथ के 10वें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर कोटि-कोटि नमन. गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन चरित्र संपूर्ण मानवता के लिए साहस, सत्य और समर्पण का प्रतीक है. उनकी शौर्यगाथा यह शिक्षा देती है कि धर्म का वास्तविक अर्थ अन्याय के विरुद्ध निर्भीक होकर संघर्ष करने की शक्ति है.”

डीसीएच/

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