Thursday , 29 July 2021

दिलशाद गार्डन में झुग्गी वालों के लिए डीडीए बनाएगा फ्लैट

नई दिल्ली (New Delhi) . दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) जहां झुग्गी, वहीं मकान (इन सीटू) विकास योजना के तहत दिलशाद गार्डन में फ्लैट का निर्माण करेगी. यह पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत किय जाएगा. डीडीए ने इसके लिए इच्छुक कंपनयों से निर्माण के लिए अनुरोध मांगा है. दिलशाद गार्डन में 6.236 हेक्टेयर क्षेत्र में झुग्गी फैली हुई है.

डीडीए के मुताबिक इस परियोजना में करीब 3367 फ्लैट में स्लम परिवारों का पुर्नवास किया जाएगा. परियोजना का क्षेत्र 6.236 हेक्टेयर है, जिसे पूरा करने में करीह 468.10 करोड़ रूपये की लागत आएगी. निर्माण वाले भूमि क्षेत्र के 60 फीसद हिस्से में झुग्गीवालों को पुनर्वासित किया जाएगा. वहीं बाकी बची 40 फीसदी हिस्से पर व्यवसायिक इमारतों का विकास करके योजना को वित्तीय मदद उपलब्ध कराई जाएगी. झुग्गीवालों को मिलने वाले फ्लैट को 28 वर्गमीटर में बनाई जाएगी. जब फ्लैट का निर्माण के दौरान दौरान दूसरी जगह रहने वाले झुग्गीवासियों को छह हजार रूपये प्रति माह की दर से किराया भी दिया जाएगा. ताकि उन्हें अस्थायी रूप से बसाया जा सके.

डीडीए के मुताबिक पुर्नवास की यह परियोजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. बताते चले कि दिल्ली में केंद्र सरकार (Central Government)की भूमि पर लगभग 490 जे जे क्लस्टर हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना के दिशा-निदेर्शों के वर्टिकल-1 के अनुसार डीडीए पीपीपी माडल पर ऐसे 376 जे जे क्लस्टर का इन सीटू विकास योजना के तहत काम करने पर विचार कर रहा है. जिसमें कालकाजी एक्सटेंशन, जेलरवाला बाग और कठपुतली कालोनी, शादीपुर में 3 जे जे क्लस्टरों में 7500 ईडब्ल्यूएस आवास निर्माणाधीन हैं. जिन्हें दिसंबर 2021 तक पूरा कर लिए जाने की संभावना है. अब तक 34000 परिवारों वाले 30 जेजे क्लस्टर की सोलह परियोजनाओं की रूपरेखा हो रही है.

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