
Bengaluru, 15 जुलाई . कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने Wednesday को आरोप लगाया कि राज्य Government वोट बैंक बनाने और राज्य में वोटरों को बनाए रखने के लिए बांग्लादेश और दूसरे देशों के लोगों को स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (पीआरसी) जारी करने की कोशिश कर रही है.
Bengaluru में लोक भवन में पत्रकारों से बात करते हुए अशोक ने कहा कि Governor थावरचंद गहलोत को एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें उनसे दखल देने और राज्य Government को पीआरसी (स्थायी निवासी प्रमाण पत्र) जारी करने से रोकने का आग्रह किया गया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि Government बांग्लादेशी नागरिकों को पीआरसी देने और उन्हें स्थायी निवासी का दर्जा देने की योजना बना रही है. इसे रोकने के लिए उन्होंने कहा कि भाजपा ने Governor को एक ज्ञापन सौंपा है.
अशोक के अनुसार, पीआरसी जारी करके और उन्हें निवासी के तौर पर दिखाकर, Government उन्हें राशन कार्ड, हेल्थ कार्ड, आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने के योग्य बना देगी.
अशोक ने आगे आरोप लगाया कि राज्य में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी (केएफडी) जैसे प्रतिबंधित और चरमपंथी संगठनों से जुड़े समूहों की गतिविधियां पहले ही बढ़ गई हैं. उन्होंने दावा किया कि ऐसे हालात में ऐसे लोगों को वोट देने का अधिकार देने से चरमपंथी और आतंकवादी गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
वोटर लिस्ट के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का जिक्र करते हुए अशोक ने कहा कि इस प्रक्रिया से भारतीयों को अधिकार मिलेंगे. इसके उलट, पीआरसी दिए जा रहे हैं. यह पता नहीं है कि पीआरसी पाने वाले लोग Pakistan, नाइजीरिया या बांग्लादेश से हैं.
अशोक ने कहा कि इस समय पीआरसी जारी करना गलत है और कहा कि ऐसे सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार सिर्फ केंद्र Government के पास है.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम का मकसद स्थानीय निकाय चुनावों, जिसमें ग्रेटर Bengaluru अथॉरिटी (जीबीए) और जिला पंचायतें शामिल हैं, के लिए वोटर्स को बनाए रखना है और इसे “राष्ट्र-विरोधी” कदम बताया.
उन्होंने कहा कि गवर्नर गहलोत ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया है कि Government को इस मुद्दे पर आगाह किया जाएगा.
सूखे से राहत के सवालों का जवाब देते हुए, अशोक ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के तहत मिले फंड के इस्तेमाल को लेकर राज्य Government पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के तहत मदद पाने के लिए, Government को पहले सूखे से प्रभावित इलाकों की घोषणा करनी होगी और फसल के नुकसान, पीने के पानी की कमी और चारे की कमी पर रिपोर्ट देनी होगी.
उन्होंने पूछा, “क्या Government दिवालिया हो गई है? क्या राज्य का खज़ाना खाली है?” उन्होंने सूखे से जुड़ी मदद के लिए केंद्र को लिखे Chief Minister डी.के. शिवकुमार के पत्र की आलोचना करते हुए यह बात कही. अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक तमिलनाडु को ‘चुपके से’ कावेरी का पानी छोड़ रहा है और राज्य Government पर आरोप लगाया कि वह इसका दोष केंद्र Government पर मढ़ने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने Government से तुरंत सूखा घोषित करने और पीने के पानी व पशुओं से जुड़ी समस्याओं को हल करने के साथ-साथ किसानों को आर्थिक मदद देने की मांग की.
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एससीएच/डीकेपी