जैसलमेर में तेज बारिश और तूफान से 1500 खंभे गिरे, कई क्षेत्रों में शुरू हुई बिजली सेवा: भैराराम चौधरी

जैसलमेर, 2 जून . Rajasthan के जैसलमेर में आए भीषण तूफान और तेज बारिश ने विद्युत विभाग को भारी नुकसान पहुंचाया. तूफान के कारण जिले भर में करीब 1500 बिजली के खंभे गिर गए, जिससे लगभग 200 गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई.

तूफान और तेज बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे से अधिक समय से ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी हुई है. इस आपदा से जोधपुर डिस्कॉम को लगभग ढाई करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. बिजली व्यवस्था ठप होने के साथ ही पेयजल संकट भी गहरा गया है. मोहनगढ़ और चांधन क्षेत्र इस तूफान से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं.

इसके अलावा, खुईयाला, सियाम्बर, सांगड़, चेलक, पोलजी डेयरी समेत करीब 200 गांवों का विद्युत संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है. तेज हवाओं के कारण कई जगह ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं. 33 केवी और 11 केवी की कई महत्वपूर्ण लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं.

जैसलमेर के अधीक्षण अभियंता भैराराम चौधरी ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि Monday रात तूफान के दौरान करीब 1500 से अधिक बिजली के पोल गिर गए. कई ट्रांसफॉर्मर और तार भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. नुकसान का आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका है, क्योंकि दूरदराज के इलाकों से रिपोर्टिंग जारी है. जोधपुर डिस्कॉम की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और फीडरों को बहाल करने में जुट गई हैं.

उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता प्रमुख फीडरों और हाई वोल्टेज लाइनों को पहले चालू करने की है. Monday की रात को ही पोकरण और जैसलमेर शहर में बिजली व्यवस्था सुचारू कर दी गई थी. हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सामान्य होने में 24 से 48 घंटे का समय लग सकता है. तूफान की वजह से बिजली गुल होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिससे कई गांवों में पानी की कमी देखी जा रही है.

डिस्कॉम अधिकारियों ने बताया कि सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर यथाशीघ्र बिजली बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है. अतिरिक्त कर्मी और सामग्री भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जा रही है. दूरस्थ गांवों में पहुंचने के लिए चुनौतियां हैं, फिर भी टीमें लगातार काम कर रही हैं. प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अपील की गई है कि वे बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाकर रखें और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचें.

एसएके/डीकेपी

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