
Bhopal , 2 जून . Governor मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह केवल राज्यों के प्रशासनिक गठन का स्मरण नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा से प्रेरणा ग्रहण करने का उपक्रम है. India की भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधताएं ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति हैं. यही सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर India की नींव हैं. उन्होंने कहा कि सिक्किम का पर्यावरणीय मॉडल, गोवा का पर्यटन, मत्स्य उद्योग और तेलंगाना की तकनीकी नवाचार क्षमता राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण आधार स्तंभ हैं.
Governor मंगुभाई पटेल Tuesday को गोवा, सिक्किम एवं तेलंगाना राज्य के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने तीनों राज्यों के निवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं. लोकभवन के सांदीपनि सभागार में “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” संकल्पना के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस अवसर पर Governor के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे.
उन्होंने कहा कि “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” की भावना देश की एकता, अखंडता और समग्र विकास का सशक्त आधार है. आयोजन Prime Minister Narendra Modi के विकसित India निर्माण संकल्प के प्रति राष्ट्रीय एकता की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन है. उन्होंने सभी नागरिकों से राष्ट्र के नव निर्माण में अपना सर्वोत्तम योगदान देने तथा “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” की भावना को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया है. उन्होंने युवा संगम कार्यक्रम के तहत आईआईटी धनबाद से आए युवाओं का स्वागत करते हुए उन्हें Jharkhand के अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा से प्रेरणा लेते हुए विकसित India 2047 में योगदान के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि युवा परिवार और राष्ट्र की आशा के केन्द्र होते है, इसलिए भावी जीवन में सदैव अच्छा व्यक्ति बनने के लिए कार्य करें.
Governor पटेल ने कहा कि तेलंगाना राज्य की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक विकास का अद्भुत समन्वय India की विशिष्ट पहचान को समृद्ध करते है. राज्य की गौरवशाली परंपराएं, स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व देश की अमूल्य धरोहर हैं. लोकतांत्रिक अधिकारों, सामाजिक कल्याण और विकास के क्षेत्र में तेलंगाना की उपलब्धियों की सराहना की.
उन्होंने कहा कि गोवा की ऐतिहासिक विरासत, समुद्री वैभव, भारतीय और पश्चिमी परंपराओं का सांस्कृतिक समन्वय की विविधता देश की शक्ति है. गोवा केवल प्रमुख पर्यटन केंद्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए हुए साहसिक संघर्ष की प्रेरक भूमि भी है. राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ करती है. Governor पटेल ने स्थापना दिवस समारोह में सिक्किम वासियों को देश का पांचवां पूर्ण साक्षर राज्य बनने की बधाई दी. उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसे देश के प्रथम पूर्णतः जैविक राज्य सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक शांति और सतत विकास मॉडल India की वैश्विक पहचान को सुदृढ़ करता है.
समारोह में सिक्किम के Governor ओमप्रकाश माथुर, गोवा के Governor पुसापति अशोक गजपति राजू तथा तेलंगाना के Governor शिव प्रताप शुक्ला के शुभकामना वीडियो संदेशों का प्रसारण किया गया. कार्यक्रम में गोवा, सिक्किम, तेलंगाना और मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती लघु फिल्में प्रदर्शित की गई.
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में तेलुगु संगमम Bhopal द्वारा अन्नामाचार्य कीर्तनम् पर आधारित एकल नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई. युवा, बाल कलाकारों ने Rajasthan और दक्षिण India की सांस्कृतिक विरासत के अनूठे संगम का समूह नृत्य जिसकी जड़ें Rajasthan की बंजारा संस्कृति से जुड़ी हैं और भद्राचलम स्थित प्रसिद्ध श्री सीता रामचन्द्रस्वामी मंदिर और भगवान राम की भक्ति को समर्पित समूह नृत्यों की प्रस्तुति दी.
आई.आई.टी. इंदौर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मृगेन्द्र दुबे ने युवा संगम के संबंध में जानकारी दी. आई.आई.टी. धनबाद के युवाओं के 6 दिवसीय मध्यप्रदेश भ्रमण के समापन अवसर पर लोकभवन के गरिमामय समारोह में शामिल होने को अविस्मरणीय बताया है.
Governor पटेल का समारोह के प्रारंभ में गोवा समाज के प्रतिनिधि क्रिस्टोफर एफ. नरोन्हा तथा पीवी फर्नाडिस एवं तेलुगु संगमम Bhopal के चंद्रमोहन नायडू द्वारा स्मृति-चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया. Governor का स्वागत तेलुगु संगमम के बाल सदस्यों व्ही. साईं सिरिशा, व्ही. साई दीक्षिता और व्ही. साईं कात्यायनी द्वारा पुष्पगुच्छ एवं उनके द्वारा बताई गई कलाकृति भेंट कर किया गया. कार्यक्रम में डिप्टी डायरेक्टर टेक्निकल एजुकेशन डॉ. बी. लक्ष्मीनारायण रेड्डी ने आभार प्रदर्शन किया. कंट्रोलर हाउस होल्ड लोक भवन शिल्पी दिवाकर ने संचालन किया.
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में Madhya Pradesh की आईपीएस अधिकारी कृष्णवेनी देसवतु, Governor के उप सचिव सुनील दुबे, आई.आई.टी. धनबाद के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुरेश कुमार वाय, संस्थान के 59 युवाओं के प्रतिनिधिमंडल सहित गोवा, तेलंगाना और सिक्किम राज्यों के मूल निवासी सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी तथा सांस्कृतिक संगठनों के सदस्य उपस्थित थे.
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डीकेपी/