
New Delhi, 25 सितंबर . विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े विवाद को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष द्वारा महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. इस मुद्दे पर भाजपा नेताओं ने विपक्ष खासकर कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है.
बिहार Government के मंत्री रामकृपाल यादव ने विपक्ष की इस तैयारी पर तंज कसते हुए कहा कि यह महाभियोग प्रस्ताव टिक नहीं पाएगा. रामकृपाल यादव ने से कहा, “यह प्रस्ताव गिर जाएगा. यह पहली बार नहीं है जब महाभियोग प्रस्ताव लाया जा रहा है. पहले भी कई लोगों के खिलाफ ऐसे प्रस्ताव लाए गए हैं लेकिन विपक्ष को हर बार हार का सामना करना पड़ा है. इस बार भी उन्हें निराशा ही हाथ लगेगी.”
वहीं, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष विशेषकर कांग्रेस राष्ट्रीय और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने का कोई भी अवसर नहीं छोड़ती. उन्होंने कहा कि यह कोई नया मामला नहीं है.
सुनील शर्मा ने कहा, “कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने कई बार भारतीय सेना की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं और कई अवसरों पर देश के सर्वोच्च न्यायालय पर भी प्रश्नचिन्ह लगाए हैं. इसलिए यह स्वाभाविक है कि वे अपनी इस आदत से बाज नहीं आ सकते. संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना उनकी पुरानी प्रवृत्ति रही है.”
भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने विपक्ष के इस कदम को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा, “कांग्रेस के पास करने के लिए कोई ठोस काम नहीं बचा है, इसलिए वे कोई न कोई आधारहीन मुद्दा उठाकर उसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं. आप लगातार हर जगह चुनाव हार रहे हैं. पहले आप अपनी हार के लिए ईवीएम को दोष देते थे. जब ईवीएम का मुद्दा नहीं चला, तो अब आप मुख्य चुनाव आयुक्त को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि मुझे पूरा विश्वास है कि केंद्र Government इस मामले के हर पहलू पर बारीकी से नजर रख रही है.”
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