
New Delhi, 25 सितंबर . कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अगर ज्ञानेश कुमार कल तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो सीजेपी 2 अक्टूबर से Mumbai से अपना देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी और इसे देश के कई शहरों तक ले जाएगी. इस गांधी जयंती पर आइए लोकतंत्र को बचाने का संकल्प लें.”
इससे पहले Thursday को अभिजीत दिपके ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त को 48 घंटे की समयसीमा दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर 48 घंटे के भीतर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनकी पार्टी देशभर में आंदोलन शुरू करेगी और जब तक इस्तीफा नहीं होता, पीछे नहीं हटेंगे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि ज्ञानेश कुमार देश के लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा हैं. उन्होंने कहा था, “मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद Government तय कर रही है कि किसे वोट देने की अनुमति होगी और किसे नहीं. क्या ऐसी व्यवस्था को लोकतंत्र कहा जा सकता है.”
दिपके ने कहा था कि लोकतंत्र का असली मतलब है कि जनता अपने प्रतिनिधियों और अपनी Government को खुद चुने. उन्होंने आरोप लगाया था कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से लोगों के वोट देने के अधिकार पर सीधा असर पड़ रहा है.
सीजेपी संस्थापक ने चुनाव आयोग से जुड़ी एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं. उन्होंने कहा था कि यह संख्या सामान्य नहीं है और इसका चुनावी राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है.
दिपके के मुताबिक इतनी बड़ी संख्या में नाम हटना लोकतंत्र के लिए चिंता की बात है और इसी वजह से उन्होंने सीईसी के इस्तीफे की मांग की है.
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वीकेयू/पीएम